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RSS की केंद्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक: वृंदावन में मोहन भागवत की अध्यक्षता में चर्चा

उत्तर प्रदेश के वृंदावन में RSS की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू हो गई है, जिसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत की अध्यक्षता में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। यह बैठक 7 जनवरी तक चलेगी और इसके बाद 8 और 9 जनवरी को एक और महत्वपूर्ण मंथन प्रस्तावित है। बैठक में सामाजिक समरसता, पलायन की समस्या, और पड़ोसी देशों में हिंसा जैसे मुद्दों पर विचार किया जा रहा है। संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के दौरान हो रही इस बैठक का महत्व और भी बढ़ गया है।
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RSS की केंद्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक: वृंदावन में मोहन भागवत की अध्यक्षता में चर्चा

वृंदावन में RSS की बैठक का आगाज


वृंदावन: उत्तर प्रदेश के वृंदावन में स्थित केशव धाम में सोमवार की सुबह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय केंद्रीय कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक शुरू हुई। संघ प्रमुख मोहन भागवत की अध्यक्षता में आयोजित यह बैठक 7 जनवरी तक चलेगी, इसके बाद 8 और 9 जनवरी को एक और महत्वपूर्ण मंथन का आयोजन किया जाएगा। इस बैठक को संघ के भविष्य की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।


बैठक का उद्घाटन संघ प्रमुख ने किया

संघ प्रमुख मोहन भागवत रविवार को वृंदावन पहुंच चुके थे। सोमवार की सुबह उन्होंने बैठक के पहले सत्र का उद्घाटन किया। इसके बाद संघ के शीर्ष नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श का सिलसिला शुरू हुआ। इस बैठक में सह-सर कार्यवाह, अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख, प्रचार प्रमुख और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित लगभग 50 प्रमुख नेता शामिल हो रहे हैं। प्रतिदिन तीन सत्रों में विस्तृत चर्चा की जाएगी।


सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

इस महत्वपूर्ण बैठक के मद्देनजर केशव धाम परिसर और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हैं। बैठक को गोपनीय रखा गया है और मीडिया को कार्यक्रम स्थल से दूर रखा गया है। संघ की ओर से बैठक के एजेंडे को आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया है।


राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में देश से जुड़े कई महत्वपूर्ण सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार किया जा रहा है। इनमें सामाजिक समरसता को मजबूत करने, मोहल्ला स्तर पर हिंदू सम्मेलनों के आयोजन, विभिन्न राज्यों से हो रहे पलायन की समस्या, और पड़ोसी देशों में जारी हिंसा और अस्थिरता जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा, संगठनात्मक विस्तार और समाज में संघ की भूमिका को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की जा सकती है।


शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा

यह बैठक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के दौरान हो रही है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। माना जा रहा है कि बैठक में शताब्दी वर्ष के तहत अब तक आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी और आने वाले महीनों के लिए नई रणनीति बनाई जाएगी। संघ नेतृत्व इस अवसर पर दीर्घकालिक लक्ष्यों और भविष्य की योजनाओं पर भी विचार कर सकता है।


शीर्ष पदाधिकारियों की उपस्थिति

केशव धाम में चल रही इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत के अलावा सह-सर कार्यवाह कृष्ण गोपाल, मुकंद, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, अतुल लिमए, आलोक कुमार, अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल और अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद हैं। इन सभी की भागीदारी से यह संकेत मिलता है कि बैठक में लिए जाने वाले निर्णय संगठन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं।


भविष्य में प्रभाव देखने को मिल सकता है

हालांकि बैठक के निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे, लेकिन इसके प्रभाव संघ के कार्यक्रमों, सामाजिक अभियानों और संगठनात्मक गतिविधियों में स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकते हैं। RSS की यह केंद्रीय कार्यकारिणी बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब देश सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है, और ऐसे में संघ की रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।