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Twisha Sharma केस: पति समर्थ सिंह का बार लाइसेंस निलंबित, जांच में सहयोग न करने का आरोप

ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह का बार लाइसेंस बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा निलंबित कर दिया गया है। उन पर गंभीर आरोप हैं, जिसमें दहेज हत्या और क्रूरता शामिल हैं। समर्थ 12 मई से फरार थे, जब ट्विशा की मृत्यु हुई। हाल ही में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्विशा के परिवार की याचिका पर दूसरी ऑटोप्सी का आदेश दिया है। परिवार ने न्याय की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
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Twisha Sharma केस: पति समर्थ सिंह का बार लाइसेंस निलंबित, जांच में सहयोग न करने का आरोप

भोपाल में समर्थ सिंह का बार लाइसेंस निलंबित


भोपाल: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने 22 मई 2026 को ट्विशा शर्मा के पति, समर्थ सिंह, का बार लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। काउंसिल ने कहा है कि समर्थ पर लगे आरोप गंभीर हैं, जो वकालत के पेशे की प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को प्रभावित कर सकते हैं।


जांच में सहयोग न करने का आरोप

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, BCI ने बताया कि समर्थ जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उनके खिलाफ दहेज हत्या, क्रूरता और अन्य अपराधों में FIR दर्ज की गई है। BCI के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि समर्थ सिंह को अगली कार्रवाई तक वकालत से निलंबित किया गया है।


जबलपुर कोर्ट से गिरफ्तारी

यह कार्रवाई तब हुई जब पुलिस ने समर्थ को जबलपुर जिला अदालत परिसर से गिरफ्तार किया। वह सरेंडर करने के लिए कोर्ट पहुंचे थे। उनके वकील ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को सूचित किया था कि वह सरेंडर के लिए तैयार हैं और अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले लेंगे।


12 मई से फरार थे समर्थ

समर्थ सिंह, जो पेशे से वकील हैं, 12 मई से फरार थे। उसी दिन ट्विशा की मृत्यु हुई थी। संभावना है कि उन्हें भोपाल पुलिस को सौंपा जाएगा। उल्लेखनीय है कि समर्थ की मां, गिरिबाला सिंह, एक रिटायर्ड जज हैं और वर्तमान में भोपाल उपभोक्ता न्यायालय की अध्यक्ष हैं।


दूसरे पोस्टमार्टम का आदेश

हाल ही में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्विशा के परिवार की याचिका पर दूसरी ऑटोप्सी का आदेश दिया। यह पोस्टमार्टम दिल्ली AIIMS के डॉक्टरों की टीम द्वारा किया जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया भोपाल में ही होगी और डॉक्टरों को दिल्ली से लाने के लिए विशेष विमान का उपयोग किया जाएगा।


परिवार की न्याय की लड़ाई जारी

ट्विशा के परिवार ने हाई कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया है। परिवार ने कहा कि वे 33 वर्षीय ट्विशा को न्याय दिलाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने मीडिया से कहा कि हम शुरू से ही निष्पक्ष जांच और न्याय के लिए प्रयासरत हैं। यह हमारी सभी की लड़ाई है।