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Twisha Sharma केस में CBI ने शुरू किया सीन रिक्रिएशन, क्या खुलेंगे नए राज?

मध्य प्रदेश में ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में CBI ने सीन रिक्रिएशन की प्रक्रिया शुरू की है। जांच में शामिल समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। CBI अब इन बयानों की सच्चाई की जांच कर रही है। ट्विशा की मौत के बाद से ही यह मामला सुर्खियों में है, और परिवार को न्याय की उम्मीद है। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है।
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Twisha Sharma केस में CBI ने शुरू किया सीन रिक्रिएशन, क्या खुलेंगे नए राज?

भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत की जांच


भोपाल: मध्य प्रदेश में ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में CBI ने जांच की दिशा में एक नया कदम उठाते हुए सीन रिक्रिएशन का कार्य प्रारंभ किया है। ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को 2 जून तक रिमांड पर लिया गया है। CBI की टीम लगातार जांच में जुटी हुई है और हर कदम पर नए सुराग सामने आ रहे हैं।


सीन रिक्रिएशन की प्रक्रिया

29 मई को CBI की टीम समर्थ और गिरिबाला को लेकर उनके निवास स्थान पर पहुंची। वहां, ट्विशा की मौत के स्थान पर घटनाक्रम को फिर से दोहराया जा रहा है। टीम यह जानने का प्रयास कर रही है कि 12 मई को ट्विशा को फंदे से कैसे उतारा गया था।


इस रिक्रिएशन में ट्विशा के वजन के बराबर 80 किलो का डमी पुतला इस्तेमाल किया जा रहा है। CBI यह आकलन कर रही है कि घटना में प्रयुक्त बेल्ट कितना वजन सहन कर सकती है।




विरोधाभासी बयानों की जांच

समर्थ सिंह ने पहले कहा था कि उसने ट्विशा को फंदे से नीचे उतारा था, जबकि गिरिबाला सिंह पर आरोप है कि उन्होंने जिम्नास्टिक बेल्ट की गांठ खोली थी। CBI अब इन दोनों के बयानों की सच्चाई की जांच कर रही है।


पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा की ऊंचाई परिवार द्वारा बताई गई ऊंचाई से भिन्न है, जिसके कारण CBI ने एक और डमी पुतले का उपयोग शुरू किया है ताकि वास्तविक घटना को सही तरीके से समझा जा सके।


गिरफ्तारी और न्यायालय का निर्णय

ट्विशा की मौत के 16 दिन बाद, 28 मई को गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया गया। हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया था। इसके एक दिन बाद CBI को दोनों आरोपियों की रिमांड मिल गई।


मामले की पृष्ठभूमि

12 मई को ट्विशा शर्मा की मृत्यु हुई थी। पति समर्थ सिंह के अचानक गायब होने और बाद में आत्मसमर्पण करने, CCTV फुटेज और गिरिबाला के विवादास्पद बयानों ने इस मामले को सुर्खियों में ला दिया। CBI को जांच सौंपे जाने के बाद पीड़ित परिवार को अब सच्चाई और न्याय की उम्मीद है। जांच एजेंसी पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।