Newzfatafatlogo

अंबाला में कलेक्टर रेट में भारी वृद्धि: संपत्ति बाजार पर प्रभाव

अंबाला जिले में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ कलेक्टर रेट में भारी वृद्धि हुई है, जिससे संपत्ति की कीमतों में 15 से 75 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। इस बदलाव का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों और विकासशील क्षेत्रों पर पड़ा है, जहां कृषि भूमि की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। बिल्डर्स ने इस वृद्धि को अवास्तविक बताते हुए मध्यम वर्ग पर वित्तीय बोझ बढ़ने की आशंका जताई है। नई दरें 2027 तक प्रभावी रहेंगी, जिससे निवेशकों को अपनी जेब ढीली करनी होगी।
 | 
अंबाला में कलेक्टर रेट में भारी वृद्धि: संपत्ति बाजार पर प्रभाव

अंबाला में संपत्ति बाजार में बदलाव

अंबाला जिले में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ अचल संपत्ति के बाजार में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिला है। जिला प्रशासन ने 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले कलेक्टर रेट की नई सूची को मंजूरी दे दी है, जिसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि की कीमतों में 15 से 75 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। अंबाला सिटी और छावनी के प्रमुख क्षेत्रों में इस निर्णय के कारण घरों का निर्माण और खरीदना पहले की तुलना में काफी महंगा हो जाएगा। प्रशासन का कहना है कि कई क्षेत्रों में कई वर्षों से दरें नहीं बढ़ी थीं, जबकि बुनियादी ढांचे के विकास के चलते भूमि की वास्तविक बाजार कीमत में काफी वृद्धि हुई है।


कृषि भूमि की कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि

कृषि भूमि के दाम में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी


नए कलेक्टर रेट का सबसे अधिक प्रभाव अंबाला की ग्रामीण क्षेत्रों और विकासशील क्षेत्रों पर पड़ा है। आनंदपुर जलवेहड़ा क्षेत्र में कृषि भूमि की कीमतें ₹35.42 लाख से बढ़ाकर ₹44.27 लाख प्रति एकड़ कर दी गई हैं। वहीं, कलारहेड़ी में यह वृद्धि चौंकाने वाली है, जहां दरें 75 प्रतिशत तक बढ़कर ₹1.70 करोड़ प्रति एकड़ तक पहुंच गई हैं। इसके अलावा, कर्धन क्षेत्र में आवासीय भूमि के दाम ₹6,300 से बढ़कर ₹11,025 प्रति वर्ग गज हो गए हैं। हालांकि, प्रशासन ने मोहड़ा और शाहपुर जैसे कुछ रणनीतिक क्षेत्रों में दरों को स्थिर रखकर कुछ राहत प्रदान की है।


बिल्डर्स की नाराजगी

बिल्डर्स ने जताई नाराजगी


कलेक्टर रेट में वृद्धि का सीधा असर रजिस्ट्री के समय दी जाने वाली स्टाम्प ड्यूटी पर पड़ेगा। वर्तमान में हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में पुरुषों को 7 प्रतिशत और महिलाओं को 5 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान करना होता है। नए रेट लागू होने के बाद, खरीदारों को लाखों रुपये अतिरिक्त टैक्स के रूप में चुकाने होंगे। 'रियल एस्टेट एंड बिल्डर्स एसोसिएशन' के प्रमुख ओंकार नाथ प्रुथी ने इस वृद्धि को 'अवास्तविक' बताते हुए कहा है कि यह निर्णय जमीनी हकीकत से बहुत दूर है। उनके अनुसार, इससे मध्यम वर्ग पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा और पहले से ही सुस्त प्रॉपर्टी बाजार में मंदी और गहरी होगी।


नई दरें 2027 तक प्रभावी

2027 तक यही दरें प्रभावी


अंबाला के उपायुक्त (DC) अजय सिंह तोमर और जिला राजस्व अधिकारी राजेश ख्यालिया ने स्पष्ट किया है कि नई दरों को लागू करने से पहले एक पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई थी। प्रशासन ने अपनी वेबसाइट पर प्रस्तावित दरें अपलोड की थीं और जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं। प्राप्त हुई तीन मुख्य आपत्तियों का जिला स्तरीय समिति द्वारा गहन अध्ययन के बाद ही इस अंतिम सूची को प्रकाशित किया गया है। अब ये नई दरें 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी, जिसका अर्थ है कि अगले एक साल तक अंबाला में निवेश करने वालों को अपनी जेब ढीली करनी होगी।