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असम चुनाव में गोमांस पर CM सरमा का विवादास्पद बयान: क्या है असली मंशा?

असम विधानसभा चुनाव के अंतिम दिन, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के गोमांस पर दिए गए बयान ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया है। उन्होंने कहा कि गोमांस खाने पर कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन इसे केवल घर के अंदर खाना चाहिए। इस बयान पर विपक्ष ने उन पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और असम की राजनीति में इसके प्रभाव के बारे में।
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असम चुनाव में गोमांस पर CM सरमा का विवादास्पद बयान: क्या है असली मंशा?

मुख्यमंत्री का बयान और राजनीतिक हलचल


असम विधानसभा चुनाव के प्रचार का अंतिम दिन था, और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के गोमांस पर दिए गए बयान ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया। उन्होंने कहा कि गोमांस खाने पर कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन इसे केवल घर के अंदर ही खाना चाहिए। सार्वजनिक स्थानों, मंदिरों के आसपास या बाहर इसे खाने की अनुमति नहीं है।


सरमा का स्पष्टीकरण

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "हम मुस्लिम समुदाय के गोमांस खाने पर रोक नहीं लगा रहे हैं, बस यह कह रहे हैं कि इसे निजी स्थानों पर ही खाएं।" उनका यह बयान असम के पशु संरक्षण कानून से संबंधित था, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर गोमांस खाने पर प्रतिबंध है।


विपक्ष का आरोप

कुछ दिन पहले, जोरहाट में एक चुनावी रैली में सरमा ने गाय का मांस खाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और तीन साल की जेल का भी जिक्र किया था। अब उनके नए बयान को लेकर विपक्ष ने उन पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है।


अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'भाजपा हटाओ, गौमाता बचाओ' और सरमा के बयान का पोस्टर साझा किया।




आप का भी हमला

आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी भाजपा पर हमला बोला। पार्टी ने कहा कि भाजपा के लिए 'गौमाता' केवल चुनावी रणनीति है। उत्तर भारत में गौ रक्षा के नाम पर हिंसा होती है, जबकि असम में मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि गोमांस खाओ, लेकिन घर में।


कानूनी स्थिति

असम पशु संरक्षण अधिनियम 2021 के अनुसार, गायों का वध पूरी तरह से प्रतिबंधित नहीं है। लोग दुकानों से गोमांस खरीद सकते हैं और निजी स्थानों पर खा सकते हैं, लेकिन होटल, रेस्तरां और सार्वजनिक स्थानों पर इसके लिए सख्त नियम हैं। हाल ही में कैबिनेट ने और भी कड़े नियम बनाए हैं।


विपक्ष का आरोप है कि भाजपा गौमाता का उपयोग केवल वोट के लिए करती है। चुनावी समय में ऐसे बयानों से असम की राजनीति में गर्माहट आ गई है। हिमंत बिस्वा सरमा का यह बयान अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।