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उत्तर प्रदेश में धूल भरी आंधी से मची तबाही: 89 लोगों की जान गई

उत्तर प्रदेश में हाल ही में आई धूल भरी आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 89 लोगों की जान चली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रयागराज और भदोही जैसे जिलों में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। पेड़ गिरने और दीवारों के ढहने से कई दुर्घटनाएं हुई हैं। जानें इस प्राकृतिक आपदा के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश में धूल भरी आंधी से मची तबाही: 89 लोगों की जान गई

उत्तर प्रदेश में मौसम ने मचाई तबाही


लखनऊ: उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आई तेज धूल भरी आंधी, भारी बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने व्यापक नुकसान किया है। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, इस खराब मौसम के कारण अब तक कम से कम 89 लोगों की जान जा चुकी है, और कई अन्य घायल हुए हैं। पेड़ गिरने, दीवारों के ढहने और बिजली की आपूर्ति में रुकावट ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।


स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता और शीघ्र मुआवजा देने की बात कही है।


प्रयागराज और भदोही में सबसे अधिक नुकसान

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रयागराज में सबसे अधिक 16 मौतें हुई हैं। इसके अलावा, भदोही में 15 और मिर्जापुर में 10 लोगों की जान गई है। फतेहपुर में नौ, हरदोई में सात, और कानपुर देहात तथा कौशांबी में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।


प्रयागराज के फूलपुर में चार, सोरांव में तीन और मेजा में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। हांडिया, सोरांव, फूलपुर और मेजा क्षेत्रों में तूफान ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है, जहां कई पेड़ जड़ से उखड़ गए और मकानों को नुकसान हुआ।


पेड़ और दीवार गिरने से हुईं कई दुर्घटनाएं

भदोही के खरगासेनपुर गांव में तूफान के दौरान एक पेड़ गिरने से एक महिला और उसकी तीन बेटियों की जान चली गई। वहीं, बदायूं में अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हुई और पांच अन्य घायल हो गए।




सिद्धपुर कैथोली गांव में मिट्टी की दीवार गिरने से दो लड़कियों की मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं घायल हुईं। तारक परोली में ट्यूबवेल के कमरे पर पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की जान गई। बिसोली क्षेत्र में यूकेलिप्टस का पेड़ ट्रक पर गिरने से चालक की मौत हो गई। एक अन्य युवक की मौत उस समय हुई जब वह अपने पिता को खाना पहुंचाने जा रहा था।


बिजली आपूर्ति में बाधा

प्रयागराज के पत्थर गिरजाघर, अशोक नगर, कचहरी रोड और महात्मा गांधी मार्ग समेत कई क्षेत्रों में पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं। कल्याणी देवी क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है। कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई, जबकि त्रिवेणी संगम क्षेत्र में झोपड़ियां उखड़ गईं और टिन शेड व सोलर पैनल हवा में उड़ गए।


मुख्यमंत्री ने स्थिति का लिया जायजा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत पहुंचने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्क रहने और राजस्व व कृषि विभाग के साथ बीमा कंपनियों को नुकसान का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आकलन पूरा होने के बाद मुआवजा जल्द जारी किया जाए।