उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का कैबिनेट विस्तार: कौन होंगे नए चेहरे?
कैबिनेट विस्तार की तैयारी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार का कैबिनेट विस्तार आज होने जा रहा है, जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार है। यह विस्तार योगी के दूसरे कार्यकाल का अंतिम विस्तार हो सकता है, क्योंकि अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस बार नए चेहरों को शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बना रहे।
नए मंत्रियों की संभावित सूची
नए मंत्रियों को मिलेगी जगह
कैबिनेट में मौजूदा मंत्रियों को हटाए बिना छह नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। इस विस्तार में अवध और पश्चिमी यूपी को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है, खासकर प्रधानमंत्री मोदी के पूर्वाचल से सांसद होने के कारण। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी इसी क्षेत्र से आते हैं।
भूपेंद्र चौधरी की वापसी की संभावना
पूर्व मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी
कैबिनेट में किन चेहरों को शामिल किया जाएगा, इस पर अटकलें तेज हैं। पूर्व मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का नाम सबसे आगे है। उन्होंने पहले योगी कैबिनेट में मंत्री रहकर कार्य किया है और वर्तमान में विधान परिषद के सदस्य हैं।
मनोज पांडे और पूजा पाल की संभावित नियुक्ति
पूजा पाल को मंत्री बनाया जा सकता है
रायबरेली से मनोज पांडे और कौशांबी से पूजा पाल, जिन्होंने राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में वोट दिया था, को मंत्री बनाया जा सकता है। मनोज पांडे पहले भी मंत्री रह चुके हैं। वहीं, पूजा पाल, जो दिवंगत राजू पाल की पत्नी हैं, ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी का समर्थन किया था।
अन्य संभावित नाम
ये नाम भी शामिल
BJP विधायकों में कृष्ण पासवान, अशोक कटारिया, हंसराज विश्वकर्मा, सुरेंद्र दिलेर और कैलाश राजपूत के नाम चर्चा में हैं। कृष्ण पासवान फतेहपुर से विधायक हैं, जबकि अशोक कटारिया गुर्जर समुदाय से आते हैं।
ब्राह्मणों की नाराजगी को दूर करने का प्रयास
ब्राह्मणों की नाराजगी दूर करने का एक अवसर
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए, भाजपा अनुसूचित जातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। हाल ही में ब्राह्मणों के बीच नाराजगी को देखते हुए, उच्च जाति के नेताओं को भी कैबिनेट में शामिल करने की संभावना है।
