केरल विधानसभा चुनाव में UDF की जीत: मुख्यमंत्री चयन की चुनौती
मुख्यमंत्री चयन की जटिलता
नई दिल्ली: केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने शानदार जीत हासिल की है। हालांकि, अब मुख्यमंत्री का चयन कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। यूडीएफ में शामिल तीन प्रमुख दल अपने-अपने नेताओं को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। इस मुद्दे को सुलझाने के लिए शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने तीन घंटे की बैठक की।
खड़गे और राहुल का निर्णय
खड़गे-राहुल पर टिका फैसला
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार (09 मई 2026) को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक में राहुल गांधी, केरल के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नितला, वी. डी. सतीशन और केरल कांग्रेस के प्रमुख सनी जोसेफ भी शामिल हुए। तीन घंटे की चर्चा में सभी नेताओं ने अपने विचार साझा किए।
बैठक के बाद, AICC महासचिव दीपा दास मुंशी ने मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री का निर्णय मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्णय 'बहुत जल्द' आएगा, लेकिन कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।
निर्धारित समय सीमा
23 मई है डेडलाइन
केरल में सरकार गठन की अंतिम तिथि 23 मई है। इस तिथि तक मुख्यमंत्री का नाम तय कर शपथ ग्रहण करना आवश्यक है। यदि समय पर सरकार का गठन नहीं होता है, तो राज्यपाल संवैधानिक प्रक्रिया के तहत कदम उठा सकते हैं। इसलिए कांग्रेस पर जल्द निर्णय लेने का दबाव है।
तीनों दलों के दावेदार
तीनों दल के अपने दावेदार
यूडीएफ में तीन प्रमुख दल हैं, और तीनों ही मुख्यमंत्री पद के लिए दावा कर रहे हैं। कांग्रेस का अपना नेता है, केरल कांग्रेस का अपना चेहरा है, और तीसरे घटक दल का भी अपना दावेदार है। हर दल चाहता है कि मुख्यमंत्री उसी के खेमे से बने। इस खींचतान के कारण निर्णय में देरी हो रही है। कांग्रेस के भीतर भी असंतोष दिखाई दे रहा है, क्योंकि तीनों धड़ों के समर्थक अपने-अपने नेता को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं।
विधायकों का प्रस्ताव
विधायकों ने आलाकमान को सौंपी जिम्मेदारी
इस राजनीतिक उलझन के बीच, कांग्रेस के सभी विधायकों ने एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि सभी विधायक पार्टी नेतृत्व को मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार देते हैं। इसका मतलब है कि खड़गे और राहुल जो भी निर्णय लेंगे, सभी उसे मानेंगे।
UDF की जनादेश
UDF को मिला बड़ा जनादेश
यह ध्यान देने योग्य है कि केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ को जनता ने भारी बहुमत दिया है। लंबे समय बाद कांग्रेस गठबंधन सत्ता में लौटा है। ऐसे में मुख्यमंत्री का चयन करना और भी महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि गलत निर्णय से गठबंधन में दरार आ सकती है।
