क्या एनसीपी के दोनों गुट फिर से एकजुट होंगे? अजीत पवार ने दिए संकेत
मुंबई में राजनीतिक बदलाव के संकेत
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव की ओर इशारा करते हुए उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अजीत पवार ने कहा है कि पार्टी के दोनों गुटों के बीच मतभेद लगभग समाप्त हो चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी के कार्यकर्ता एकजुटता की इच्छा रखते हैं और पवार परिवार में भी सभी तनाव सुलझ गए हैं।
कार्यकर्ताओं की एकजुटता की आवश्यकता
अजीत पवार ने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की यही मांग है कि एनसीपी को एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि दोनों गुटों के कार्यकर्ता एक साथ आना चाहते हैं। अब एनसीपी के दोनों गुट एकजुट हैं और परिवार में भी कोई मतभेद नहीं रह गया है। उनके इस बयान को महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
पार्टी विभाजन का इतिहास
लगभग दो साल पहले, शरद पवार द्वारा स्थापित एनसीपी में एक बड़ा राजनीतिक संकट आया था, जब अजीत पवार ने बगावत कर अलग राह अपनाई थी। इसके परिणामस्वरूप पार्टी दो गुटों में विभाजित हो गई। अजीत पवार के नेतृत्व वाले गुट ने बाद में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होकर सरकार का हिस्सा बनने का निर्णय लिया और अजीत पवार ने उपमुख्यमंत्री का पद ग्रहण किया।
नाम और चुनाव चिह्न विवाद
पार्टी के विभाजन के बाद, एनसीपी के नाम और पारंपरिक 'घड़ी' चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। चुनाव आयोग के निर्णय के अनुसार, अजीत पवार गुट को पार्टी का नाम और घड़ी चिन्ह मिला, जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट को नया नाम एनसीपी (शरदचंद्र पवार) और नया चुनाव चिन्ह 'तुरही' आवंटित किया गया।
पिंपरी-चिंचवड़ चुनाव में एकजुटता
राजनीतिक हलचल तब और बढ़ गई जब यह जानकारी सामने आई कि पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनाव के लिए एनसीपी के दोनों गुटों ने मिलकर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। इसे दोनों गुटों के बीच बढ़ती नजदीकियों का ठोस संकेत माना जा रहा है।
सुप्रिया सुले का बयान
शरद पवार की बेटी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने भी इस गठजोड़ की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की इच्छाओं को ध्यान में रखते हुए पिंपरी-चिंचवड़ चुनाव में दोनों गुट एक साथ आए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में अजीत पवार के साथ यह गठबंधन जारी रहेगा या नहीं, इस पर अभी कोई चर्चा नहीं हुई है।
अफवाहों का खंडन
सुप्रिया सुले ने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि एनसीपी (एसपी) महाराष्ट्र की भाजपा नीत सरकार में शामिल हो सकती है या वह स्वयं मंत्री पद संभाल सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी अफवाहें फैलाने वालों को फैलाते रहने दें, उनका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है।
