Newzfatafatlogo

क्या शरद पवार की राज्यसभा में वापसी होगी मुश्किल? ओवैसी ने उठाए सवाल

महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार की राज्यसभा सदस्यता समाप्त होने के कगार पर है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पवार के पास आवश्यक समर्थन की कमी है। ओवैसी का यह बयान उस समय आया है जब राज्य में निकाय चुनावों का माहौल गर्म है। पवार की पार्टी एनसीपी को भी विधानसभा चुनावों में कम सीटें मिली हैं, जिससे उनकी राज्यसभा में वापसी मुश्किल होती जा रही है। 2026 के राज्यसभा चुनाव में कई प्रमुख नेताओं का कार्यकाल समाप्त होगा, जो राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है।
 | 
क्या शरद पवार की राज्यसभा में वापसी होगी मुश्किल? ओवैसी ने उठाए सवाल

महाराष्ट्र की राजनीति में बदलाव


महाराष्ट्र: राज्य की राजनीतिक स्थिति में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। वरिष्ठ नेता शरद पवार का राज्यसभा कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है, और उनके दोबारा संसद में पहुंचने की संभावना कम होती जा रही है। AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस विषय पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पवार के पास आवश्यक समर्थन की कमी है।


ओवैसी का शरद पवार पर बयान

AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने शरद पवार के राजनीतिक भविष्य पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पवार की राज्यसभा सदस्यता मार्च-अप्रैल में समाप्त हो रही है और उनके गठबंधन में इतने विधायक नहीं हैं जो उन्हें पुनः राज्यसभा भेज सकें।


ओवैसी ने चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में काफी हलचल देखने को मिलेगी। उनका बयान उस समय आया है जब महाराष्ट्र में निकाय चुनावों का माहौल गर्म है। ओवैसी का स्पष्ट संकेत है कि संख्या बल के बिना राज्यसभा में जाना कठिन होगा।


राज्यसभा में पवार की एंट्री की चुनौतियाँ

राज्यसभा चुनाव विधानसभा के विधायकों के वोट से होते हैं। महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीटें हैं। 2024 के विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने भारी बहुमत प्राप्त किया है, जिसके पास लगभग 235 सीटें हैं। वहीं, विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) के पास केवल 50 सीटें हैं। शरद पवार की पार्टी एनसीपी को भी बहुत कम सीटें मिली हैं।


उनके गठबंधन में विधायकों की संख्या इतनी कम है कि एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए आवश्यक वोट जुटाना भी चुनौतीपूर्ण है। एक सीट के लिए लगभग 36-37 विधायकों का समर्थन आवश्यक है। इस स्थिति में, पवार का फिर से राज्यसभा जाना लगभग असंभव प्रतीत हो रहा है। खुद पवार ने भी संकेत दिए हैं कि वे 2026 के बाद सक्रिय राजनीति से दूर रह सकते हैं।


2026 में महत्वपूर्ण राज्यसभा चुनाव

2026 का राज्यसभा चुनाव राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। इस चुनाव में कुल 72-75 सीटें रिक्त होंगी, जिनमें कई प्रमुख नेता शामिल हैं:


  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
  • पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा
  • दिग्विजय सिंह
  • शरद पवार
  • केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा आदि
  • शिवसेना (UBT) की प्रियंका चतुर्वेदी
  • रामदास अठावले


महाराष्ट्र से 7 सीटें खाली होंगी, जबकि उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा 10 सीटें नवंबर में रिक्त होंगी। अप्रैल में महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु जैसे राज्यों में चुनाव होंगे। इन चुनावों से संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष की ताकत में बड़ा बदलाव आ सकता है।