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क्या स्मृति ईरानी 2029 में अमेठी से फिर से चुनाव लड़ेंगी? जानें उनके वोटर लिस्ट में नाम जुड़ने की कहानी

स्मृति ईरानी, जो अमेठी से पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री रह चुकी हैं, का नाम हाल ही में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत अमेठी की वोटर लिस्ट में शामिल किया गया है। यह कदम उनके क्षेत्र से जुड़े रहने का संकेत देता है। 2014 से अमेठी की राजनीति में सक्रिय, स्मृति ने राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था और 2019 में जीत हासिल की थी। जानें उनके राजनीतिक सफर और अमेठी से उनके गहरे संबंध के बारे में।
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क्या स्मृति ईरानी 2029 में अमेठी से फिर से चुनाव लड़ेंगी? जानें उनके वोटर लिस्ट में नाम जुड़ने की कहानी

अमेठी में स्मृति ईरानी का नाम वोटर लिस्ट में शामिल


अमेठी: पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनका ध्यान किसी राजनीतिक बयान पर नहीं, बल्कि मतदाता सूची से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम पर है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत, उनका नाम अमेठी के मेदन मवई गांव की वोटर लिस्ट में शामिल किया गया है, जहां उन्होंने अपना निवास भी स्थापित किया है।


स्मृति ईरानी का पहले भी था अमेठी से मतदाता संबंध

भाजपा के अमेठी जिला अध्यक्ष ने बताया कि स्मृति ईरानी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भी इसी गांव से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराया था। उन्होंने न केवल अपना नाम जुड़वाया, बल्कि मतदान भी किया। अब एसआईआर प्रक्रिया के तहत उनका नाम औपचारिक रूप से मेदन मवई गांव की वोटर लिस्ट में फिर से शामिल किया गया है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह उनके क्षेत्र से जुड़े रहने का एक प्रमाण है।


2014 से अमेठी की राजनीति में सक्रियता

भाजपा जिला अध्यक्ष के अनुसार, स्मृति ईरानी ने 2014 में अमेठी से सक्रिय राजनीति में कदम रखा। उसी वर्ष उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा। हालांकि, उस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने अमेठी को कभी नहीं छोड़ा और लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहीं।


हार के बावजूद अमेठी से संबंध

स्मृति ईरानी का अमेठी से राजनीतिक संबंध केवल जीत तक सीमित नहीं रहा। 2019 में उन्होंने राहुल गांधी को हराकर सांसद बनीं। हालांकि, 2024 के चुनाव में उन्हें कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा से हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, वे अमेठी के दौरे करती रहीं और पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय बनी रहीं।


मतदाता सूची में नाम का महत्व

भाजपा नेताओं का मानना है कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट में नाम बनाए रखना स्मृति ईरानी का निर्णय एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश है। यह दर्शाता है कि उनका अमेठी के साथ संबंध अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी और गहरा है। पार्टी का कहना है कि इससे यह स्पष्ट होता है कि वे अमेठी को छोड़कर कहीं और बसने की योजना नहीं बना रही हैं।


एसआईआर प्रक्रिया में बदलाव

इस मामले पर जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला मजिस्ट्रेट संजय चौहान ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी किया गया है। इस प्रक्रिया में अमेठी जिले से लगभग 2.67 लाख नाम हटाए गए हैं, जबकि स्मृति ईरानी का नाम मेदन मवई गांव की मतदाता सूची में दर्ज पाया गया है।