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गाजियाबाद के स्कूल में पढ़ाई का समय बढ़ाने पर अभिभावकों का विरोध: क्या है मामला?

गाजियाबाद में दिल्ली पब्लिक स्कूल द्वारा पढ़ाई का समय बढ़ाने के निर्णय ने अभिभावकों को नाराज कर दिया है। अभिभावकों ने स्कूल के बाहर और जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन ने इस विरोध का नेतृत्व किया, और अभिभावकों ने नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बच्चों की सेहत पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई है।
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गाजियाबाद के स्कूल में पढ़ाई का समय बढ़ाने पर अभिभावकों का विरोध: क्या है मामला?

गाजियाबाद में अभिभावकों का प्रदर्शन


गाजियाबाद में एक स्कूल के हालिया निर्णय ने अभिभावकों को नाराज कर दिया है। बच्चों की पढ़ाई का समय अचानक बढ़ा दिए जाने के कारण माता-पिता सड़कों पर उतर आए हैं, और मामला अब प्रशासन तक पहुंच चुका है। इस निर्णय के खिलाफ अभिभावकों में गहरा आक्रोश है।


डीपीएसजी में समय में बदलाव

दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएसजी) मेरठ रोड पर बिना किसी पूर्व सूचना के पढ़ाई का समय बढ़ा दिया गया। इस बदलाव के खिलाफ अभिभावकों ने पहले शनिवार को स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया और फिर सोमवार को बड़ी संख्या में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। गुस्साए अभिभावकों ने नारेबाजी करते हुए कार्यालय के गेट पर धरना दिया और त्वरित कार्रवाई की मांग की।


इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन का समर्थन

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन (IPA) ने किया। संगठन के बैनर तले जुटे अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अपनी आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान 'डीपीएसजी हाय-हाय' और 'डीएम बाहर आओ' जैसे नारे गूंजे। अभिभावकों का कहना है कि बिना उनकी सहमति के ऐसा निर्णय लेना गलत है।


नियमों की अनदेखी का आरोप

एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय कक्कड़ ने आरोप लगाया कि स्कूल ने शिक्षा से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया। उनका कहना है कि किसी भी बड़े बदलाव से पहले अभिभावकों से चर्चा आवश्यक होती है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य बच्चों पर पढ़ाई का दबाव कम करना है, जबकि इस निर्णय से बच्चों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।


बच्चों की सेहत पर असर

अभिभावकों का मानना है कि पढ़ाई का समय बढ़ने से बच्चों में थकान और तनाव बढ़ेगा, जो उनकी सेहत और मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। उनका कहना है कि छोटे बच्चों के लिए लंबे समय तक स्कूल में रहना उचित नहीं है।


परिवहन व्यवस्था पर सवाल

इस मामले में एक और समस्या परिवहन को लेकर सामने आई है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में बसों की संख्या कम है, जिसके कारण बच्चों को अलग-अलग फेरों में लाया-ले जाया जा रहा है। इससे बच्चों को बेवजह ज्यादा समय स्कूल में बिताना पड़ रहा है। कुछ अभिभावकों का कहना है कि शिकायत करने पर उन्हें स्कूल बदलने की सलाह दी गई।


प्रशासन से कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन के बाद अभिभावकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि जब तक अभिभावकों की सहमति नहीं मिलती, तब तक बढ़ाया गया समय वापस लिया जाए। साथ ही, स्कूल प्रबंधन को नियमों का पालन करने और सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए जाएं।