गाजियाबाद में सूर्या प्रताप चौहान हत्या मामले में प्रशासन की सख्त कार्रवाई: असद के घर पर बुलडोजर नोटिस
गाजियाबाद में प्रशासन की कार्रवाई
गाजियाबाद: सूर्या प्रताप चौहान के हत्याकांड में मुख्य आरोपी असद के निवास पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई का नोटिस चिपका दिया है। खोड़ा क्षेत्र के नवनीत विहार में रविवार को उप-जिलाधिकारी ने नोटिस जारी किया, जिसे ढोल और लाउडस्पीकर के माध्यम से पूरे इलाके में फैलाया गया।
असद के घर पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई
इस कार्रवाई ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। असद, जो पुलिस एनकाउंटर में मारा गया, के पिता के नाम पर पंजीकृत संपत्ति पर यह नोटिस चस्पा किया गया है। गाजियाबाद प्राधिकरण के अनुसार, संपत्ति अभी भी उसके पिता के नाम पर है।
अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 15 दिनों के भीतर अवैध निर्माण और कब्जा हटाना होगा, अन्यथा बुलडोजर चलाया जाएगा। मोहल्ले में लाउडस्पीकर और ढोल-नगाड़ों के साथ मुनादी की गई। स्थानीय लोग इस कार्रवाई से चकित हैं, क्योंकि असद के परिवार द्वारा संपत्ति बेचने की खबरें भी आई थीं।
कैबिनेट मंत्री की पीड़ित परिवार से मुलाकात
इस दुखद घटना में यूपी सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी नजर आ रही है। कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा मृतक सूर्या के घर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने परिवार को सुरक्षा, आर्थिक सहायता और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। परिवार को धमकाने या परेशान करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
28 मई को 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की नवनीत विहार में चाकू से हत्या कर दी गई थी। मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर के बाद, सूर्या की मां और बहन ने प्रशासन की इस बुलडोजर कार्रवाई का स्वागत किया। परिवार का कहना है कि यह हत्या एक साजिश थी जिसमें कई लोग शामिल थे।
उन्होंने सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उनकी संपत्तियों पर भी बुलडोजर चलाने की मांग की ताकि अपराधियों को उचित सबक मिल सके।
प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई ने गाजियाबाद में कानून व्यवस्था को लेकर सकारात्मक संदेश दिया है। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि पूरी साजिश का खुलासा होगा और सभी दोषियों को सजा मिलेगी। फिलहाल, 15 दिन की समय-सीमा चल रही है और प्रशासन आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इस मामले की जांच भी लगातार जारी है।
