गुरुग्राम में बम धमकी से दहशत: क्या है 'खालिस्तान घोषणा दिवस' का सच?
गुरुग्राम में बम धमकी का मामला
गुरुग्राम के प्रमुख स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर बम धमाकों की चेतावनी ने हरियाणा में खौफ का माहौल बना दिया है। शरारती तत्वों ने, जो खुद को 'सिख्स फॉर जस्टिस' (SFJ) से जोड़ा बताते हैं, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सीधी चेतावनी दी है। धमकी में कहा गया है कि यदि 29 अप्रैल को '40वें खालिस्तान घोषणा दिवस' के रूप में मान्यता नहीं दी गई, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
स्कूलों में आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू
धमकी मिलने के तुरंत बाद, स्कूल प्रबंधन ने आपातकालीन प्रोटोकॉल को लागू किया और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। कई स्कूलों ने तुरंत छुट्टी की घोषणा की और अभिभावकों को सूचित किया कि वे अपने बच्चों को ले जाएं।
अभिभावकों में चिंता का माहौल
डरे हुए अभिभावकों की भीड़ स्कूलों के बाहर इकट्ठा हो गई, जो अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। जैसे ही यह खबर फैली, स्कूल प्रशासन और अभिभावकों के बीच तनाव का माहौल बन गया। पुलिस और बम निरोधक दस्ते को तुरंत अलर्ट किया गया।
मुख्यमंत्री को दी गई खुली चुनौती
धमकी के पीछे प्रतिबंधित संगठन SFJ के गुरपतवंत सिंह पन्नू का हाथ होने का संदेह है। धमकी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से 29 अप्रैल को 'खालिस्तान घोषणा दिवस' के रूप में मान्यता देने की मांग की गई है। ऐसा न करने पर, गुरुग्राम सहित राज्य के अन्य हिस्सों में बम धमाकों की चेतावनी दी गई है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस का कहना है कि यह शरारती तत्वों की दहशत फैलाने की साजिश हो सकती है, लेकिन सुरक्षा उपायों को लेकर कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
पिछले दो वर्षों में बढ़ी हैं ऐसी धमकियां
गुरुग्राम में बुधवार को मिली धमकी पहली बार नहीं है। पिछले दो वर्षों में दिल्ली-NCR में शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाकर ऐसे नकली ईमेल भेजने की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे अभिभावकों और बच्चों में गहरा डर पैदा हुआ है।
