चंदौली में सपा महिला जिलाध्यक्ष पर हमला: बीजेपी अध्यक्ष का तीखा बयान
लखनऊ: बीजेपी अध्यक्ष का सपा पर हमला
लखनऊ: उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी पर कड़ा प्रहार किया है। चंदौली में सपा की महिला जिलाध्यक्ष के साथ हुई मारपीट की घटना पर उन्होंने अखिलेश यादव के प्रसिद्ध PDA नारे को नया अर्थ देते हुए कहा कि सपा का असली PDA है पीड़ा, दमन और अपमान।
पंकज चौधरी का कड़ा बयान
चौधरी ने कहा कि जिस पार्टी के मंच पर महिला सम्मान और सामाजिक न्याय की बातें होती हैं, उसी पार्टी के लोग अपनी महिला पदाधिकारी को घर में घुसकर पीट रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सपा के महिला सम्मान के दावे केवल पोस्टरों और भाषणों तक सीमित हैं।
वास्तव में, पार्टी अपनी महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार करती है। चौधरी ने इसे सपा के PDA का नया संस्करण बताया, जिसमें 'बातों के बताशे' ज्यादा फोड़े जाते हैं।
घटना का विवरण
चंदौली जिले के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के मढ़िया गांव में सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष गार्गी पटेल पर उनके घर में हमला किया गया। वायरल CCTV फुटेज में कुछ लोग उन्हें बालों से खींचते और बेरहमी से पीटते हुए नजर आ रहे हैं। एक महिला ने जब बचाव करने की कोशिश की, तो उस पर भी हमला किया गया।
आरोप है कि हमलावरों ने गार्गी पटेल के सिर पर टेबल तक मारा। गार्गी पटेल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि यह हमला जमीन के विवाद के चलते हुआ। गुरुवार सुबह कुछ लोग उनके घर में घुस आए और अचानक उन पर हमला कर दिया।
ओम प्रकाश राजभर का तंज
बीजेपी की सहयोगी सुभासपा के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी सपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा में पिछड़ा वर्ग, कुर्मी और प्रजापति समाज सुरक्षित नहीं है।
अरे भाई @yadavakhilesh जी, अभी पिछड़ा वर्ग की सपा महिला विधायक से मारपीट पर आपकी चुप्पी बरकरार ही थी कि अब चंदौली में आपकी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल को घर में घुसकर बाल पकड़कर घसीटा गया…आप ही के स्वजातीय सपाई गुंडों द्वारा लात-घूसों से पीटा गया… टेबल उठाकर सिर…
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) May 29, 2026
राजभर ने सपा पर 'यादववादी राजनीति' करने और गैर-यादव पिछड़ों-दलितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने महाभारत के द्रौपदी चीरहरण का उदाहरण देते हुए सपा नेतृत्व की तुलना मौन दर्शकों से की।
सपा की चुप्पी
इस घटना पर समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पुलिस ने CCTV फुटेज और तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने यूपी की राजनीति में कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर फिर से बहस छेड़ दी है।
