चंद्र कुमार बोस का TMC में शामिल होना: BJP को लगा बड़ा झटका
कोलकाता में राजनीतिक हलचल
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) को एक महत्वपूर्ण झटका लगा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते चंद्र कुमार बोस ने रविवार को BJP से इस्तीफा देकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल होने का निर्णय लिया। इस घटनाक्रम ने बंगाल की राजनीतिक स्थिति में हलचल पैदा कर दी है।
TMC में शामिल होने के बाद चंद्र कुमार बोस का बयान
TMC में शामिल होते ही चंद्र कुमार बोस ने कहा, "अब मैं ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के साथ मिलकर बंगाल की जनता की सेवा करूंगा।" उन्होंने BJP में शामिल होने को अपनी 'ऐतिहासिक गलती' करार दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी पार्टी का मुख्य उद्देश्य चुनाव जीतने के लिए लोगों के बीच सांप्रदायिक विभाजन करना है, तो वह इसे स्वीकार नहीं कर सकते। सांप्रदायिकता का मुकाबला सांप्रदायिकता से नहीं किया जा सकता, हमें सभी समुदायों को एकजुट करके राष्ट्र की एकता की रक्षा करनी चाहिए।
SIR पर चंद्र कुमार बोस की तीखी आलोचना
चंद्र कुमार बोस ने पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लगभग 90 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, जिनमें कई वास्तविक मतदाता भी शामिल हैं।
उन्होंने नागरिक समाज, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रगतिशील लोगों से इस मुद्दे पर आवाज उठाने की अपील की। उनका कहना था, "बंगाल के क्रांतिकारी लोग इस अपमान को चुपचाप सहन नहीं करेंगे।"
चुनाव पर प्रभाव
यह घटना विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले हुई है। बंगाल में मतदान दो चरणों में होगा, पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोटिंग होगी। परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
2021 के चुनाव में TMC ने 213 सीटें जीती थीं, जबकि BJP को 77 सीटें मिली थीं। इस बार भी दोनों दलों के बीच कड़ी टक्कर की उम्मीद है। चंद्र कुमार बोस जैसे बड़े नाम का TMC में शामिल होना ममता बनर्जी की पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक लाभ माना जा रहा है, जबकि BJP के लिए यह एक बड़ा झटका है।
