चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन आज से शुरू, यात्रा 19 अप्रैल से
चारधाम यात्रा का रजिस्ट्रेशन शुरू
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए एक अच्छी खबर आई है। आज से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। श्रद्धालु शुक्रवार सुबह 7 बजे से मोबाइल ऐप के माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। अगले महीने से केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की तीर्थयात्रा आरंभ होने वाली है, जिसमें हर साल लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 6 मार्च को सुबह 7 बजे से चालू होगा। इसके अलावा, श्रद्धालुओं के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी जल्द उपलब्ध होगी। चारधाम यात्रा शुरू होने से दो दिन पहले, यानी 17 अप्रैल से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून में रजिस्ट्रेशन काउंटर स्थापित किए जाएंगे। सरकार ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए कई अन्य व्यवस्थाएं भी की हैं।
इस वर्ष चारधाम यात्रा का आरंभ 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर होगा। इस दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इसके बाद केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे।
चारधाम यात्रा में भक्त चार प्रमुख तीर्थ स्थलों - केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन करते हैं। इस यात्रा को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है और यह हर साल अप्रैल से नवंबर के बीच आयोजित की जाती है। ठंड के मौसम में इन मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी यात्रा की तैयारी में जुट गए हैं।
सरकार ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए यात्रा मार्गों पर कई व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यात्रा मार्गों पर सार्वजनिक शौचालय और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को त्वरित चिकित्सा सुविधा मिल सके।
यात्रा मार्ग के मुख्य और वैकल्पिक रास्तों की मरम्मत और सुधार कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं। यात्रियों को मार्गदर्शन देने के लिए स्पष्ट साइन बोर्ड लगाए जाएंगे और यात्रा संचालन के लिए मानकों के अनुरूप मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी जारी की जाएगी.
