दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने GST विभाग में किए बड़े प्रशासनिक बदलाव
मुख्यमंत्री का सख्त कदम
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए ट्रेड एंड टैक्सेस (GST) विभाग में व्यापक प्रशासनिक बदलाव किए हैं। कुल 162 अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके पदों से स्थानांतरित किया गया है। ये अधिकारी लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत थे, जिससे विभाग में अनियमितताओं का खतरा बढ़ गया था।
अनियमितताओं पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने 8 अप्रैल 2026 को जीएसटी विभाग का आकस्मिक दौरा किया, जहां कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। इन समस्याओं को देखते हुए उन्होंने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले किए गए।
सरकारी बयान में कहा गया है, "इस सख्त कार्रवाई के तहत तीन सहायक आयुक्तों सहित कुल 162 अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया गया है। ये सभी अधिकारी लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत थे।"
ट्रांसफर की सूची
तबादलों की सूची में विभिन्न पदों के अधिकारी शामिल हैं:
- 3 असिस्टेंट कमिश्नर (सहायक आयुक्त)
- 58 सेक्शन ऑफिसर ग्रेड-1
- 22 असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर ग्रेड-2
- 74 सीनियर असिस्टेंट ग्रेड-3
- 5 जूनियर असिस्टेंट ग्रेड-4
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर रहने से भ्रष्टाचार की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह निर्णय लिया गया है। इससे विभाग में पारदर्शिता बढ़ेगी और कार्यप्रणाली में सुधार होगा।
अस्पताल का औचक निरीक्षण
इसी सख्ती का एक और उदाहरण गुरुवार को देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सिविल लाइंस स्थित अरुणा आसफ अली सरकारी अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। वहां उन्होंने दवाओं की कमी और गंदगी पाए जाने पर अधिकारियों को फटकार लगाई।
सीएम ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में दवाएं, पीने का पानी और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि मरीजों को डॉक्टर की जांच के उसी दिन दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। ओपीडी, वार्ड, दवा काउंटर और स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लेते हुए उन्होंने सभी आवश्यक सुधार तुरंत करने का आदेश दिया।
