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दिल्ली के शालीमार बाग में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई, जानें क्या है वजह

दिल्ली के शालीमार बाग में रविवार सुबह एक बड़ा डिमोलिशन अभियान शुरू हुआ, जिसमें लगभग 150 पुराने बहुमंजिला घरों को ध्वस्त किया जा रहा है। यह कार्रवाई सड़क चौड़ीकरण के उद्देश्य से की जा रही है, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सार्वजनिक हित में है और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन भी दिया गया है। जानें इस कार्रवाई के पीछे की पूरी कहानी।
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दिल्ली के शालीमार बाग में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई, जानें क्या है वजह

दिल्ली में डिमोलिशन अभियान की शुरुआत


नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र शालीमार बाग में रविवार सुबह विकास कार्य के तहत एक बड़ा डिमोलिशन अभियान शुरू किया गया। यह कार्रवाई सुबह चार बजे से मैक्स हॉस्पिटल रोड पर अतिक्रमण हटाने के लिए की जा रही है, जिसमें लगभग 150 पुराने बहुमंजिला भवनों को ध्वस्त किया जा रहा है।


सुरक्षा के लिए तैनात बल

इस कार्रवाई के चलते इलाके में तनाव का माहौल है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से, दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को रात से ही तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।


सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य

सड़क चौड़ीकरण के लिए हो रही कार्रवाई


यह डिमोलिशन सड़क को चौड़ा करने के उद्देश्य से की जा रही है। प्रशासन की योजना है कि इस कार्रवाई के बाद आउटर रिंग रोड से आजादपुर मंडी की ओर जाने वाली सड़क को संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर से सीधे आजादपुर मंडी से जोड़ा जाएगा।


इससे इलाके में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी और आवागमन में सुगमता आएगी। ये मकान काफी पुराने थे और सड़क चौड़ीकरण में बाधा उत्पन्न कर रहे थे।


भारी सुरक्षा व्यवस्था

भारी सुरक्षा व्यवस्था


इस कार्रवाई की शुरुआत आज सुबह चार बजे हुई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया है। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स की कई टीमें रात भर से मौके पर तैनात हैं। इस समय कोई भी अनावश्यक व्यक्ति इलाके में प्रवेश नहीं कर पा रहा है।




कोर्ट से राहत नहीं मिली

कोर्ट से नहीं मिली राहत


मकान मालिकों को पहले ही नोटिस जारी कर 30 मई 2026 तक घर खाली करने के लिए कहा गया था। जब समयसीमा समाप्त होने लगी, तो कई लोगों ने दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन दोनों अदालतों ने उन्हें कोई राहत नहीं दी। सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट निर्देश दिया कि 30 मई तक सभी मकान खाली कर दिए जाएं।


कुछ ने खुद ही घर खाली किए

कुछ लोगों ने खुद खाली किए घर


कोर्ट के आदेश के बाद कुछ मकान मालिकों ने अपने घरों को स्वयं खाली कर दिया और सामान बाहर निकाल लिया, लेकिन कई लोग अभी भी अपने सामान के साथ घरों में बने हुए थे। तय समयसीमा खत्म होने के बाद प्रशासन ने आज सुबह से बुलडोजर चलाने का निर्णय लिया।


प्रशासन का दृष्टिकोण

प्रशासन का पक्ष


प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से सार्वजनिक हित में की जा रही है। सड़क चौड़ी होने से इलाके की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और लोगों को रोजमर्रा की समस्याओं से राहत मिलेगी। प्रभावित परिवारों को मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था देने का आश्वासन भी दिया गया है।