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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सख्ती: फर्जी नो-एंट्री परमिट के खिलाफ कार्रवाई

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने फर्जी नो-एंट्री परमिट के मामलों में सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नकली पास बनवाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में दो मामले सामने आए हैं, जिनमें वाहनों को फर्जी परमिट के साथ पकड़ा गया। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से पास बनवाएं। जानें इस मामले में और क्या जानकारी मिली है और कैसे बचें फर्जी पास से।
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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सख्ती: फर्जी नो-एंट्री परमिट के खिलाफ कार्रवाई

दिल्ली में फर्जी परमिट पर कड़ी कार्रवाई


दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस ने फर्जी नो-एंट्री परमिट (NEP) के मामलों में सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जो लोग नकली पास बनवाते हैं या उनका उपयोग करते हैं, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित वाहन को जब्त किया जा सकता है, और आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा, साथ ही उसे ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।


जांच में क्या खुलासा हुआ?

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में दो मामले सामने आए हैं, जिनमें एक पूर्वी ट्रैफिक रेंज और दूसरा केंद्रीय रेंज से संबंधित है। इन मामलों में वाहनों को फर्जी नो-एंट्री परमिट के साथ पकड़ा गया। जांच में यह पता चला कि ये नकली पास अवैध एजेंटों और बिचौलियों द्वारा बनाए गए थे। मामले के खुलासे के बाद गोकुलपुरी और वजीराबाद थानों में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है, ताकि न केवल वाहन चालकों बल्कि फर्जी पास बनाने वाले गिरोह को भी पकड़ा जा सके।


नो-एंट्री पास की प्रक्रिया

दिल्ली में नो-एंट्री पास उन वाहनों को जारी किए जाते हैं, जो आवश्यक सेवाओं से जुड़े होते हैं, जैसे दूध, फल-सब्जियां, राशन, मांस, दवाइयां, ऑक्सीजन, एलपीजी, पानी की सप्लाई, और सरकारी कार्यों से जुड़े वाहन। इन वाहनों को निर्धारित समय और शर्तों के तहत शहर में प्रवेश की अनुमति दी जाती है। हालांकि, कुछ लोग नियमों का उल्लंघन कर फर्जी पास बनवाकर सड़कों पर चल रहे हैं।


पुलिस का बयान

पुलिस ने बताया कि नो-एंट्री पास तीन प्रकार के होते हैं: एनुअल, टेम्पररी और शॉर्ट टर्म। एनुअल पास एक वर्ष के लिए जारी किया जाता है, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन आवश्यक है। टेम्पररी पास तीन महीने तक मान्य रहता है और यह भी ऑनलाइन प्रक्रिया से प्राप्त किया जाता है। वहीं, शॉर्ट टर्म पास अधिकतम एक सप्ताह के लिए होता है, जिसे संबंधित ट्रैफिक डीसीपी कार्यालय से ऑफलाइन जारी किया जाता है।


इसके अलावा, 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को पास नहीं दिया जाता। पर्यावरण मानकों को ध्यान में रखते हुए सीएनजी या बीएस मानक वाले वाहनों को प्राथमिकता दी जाती है। पास मिलने के बाद निर्धारित रूट, समय और शर्तों का पालन करना अनिवार्य है।


वाहन चालकों के लिए अपील

ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत एजेंट के झांसे में न आएं और केवल आधिकारिक माध्यमों से ही पास बनवाएं। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसलिए सभी से कानून का पालन करने और व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने में सहयोग की अपील की गई है।