दिल्ली में अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की हिंसा: सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का बयान
दिल्ली के तुर्कमान गेट में हिंसा का मामला
दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में बुधवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा में समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का नाम उभरकर सामने आया है। पुलिस ने बताया कि इस पत्थरबाजी की घटना के संबंध में उनसे पूछताछ की जाएगी। सांसद नदवी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय के किसी आदेश की जानकारी नहीं थी, जिसके तहत मस्जिद परिसर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी।
मोहिबुल्लाह नदवी का बयान
उन्होंने कहा कि मस्जिद क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर बातचीत चल रही थी, तभी उन्हें सूचना मिली कि सुरक्षा बलों ने मस्जिद को घेर लिया है। नदवी ने बताया कि इससे पहले महरौली में एक मस्जिद के अचानक गायब होने का मामला सामने आया था, जिसे उन्होंने संसद में उठाया था। तुर्कमान गेट की स्थिति की जानकारी मिलने पर उन्हें लगा कि माहौल बिगड़ सकता है, इसलिए वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां जाकर लोगों से शांति बनाए रखने और अपने घर लौट जाने की अपील की। इस संबंध में एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे भीड़ से संयम बरतने का आग्रह करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई
इसी दिन दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान क्षेत्र में सैयद फैज इलाही मस्जिद के पास हुई हिंसा के मामले में एफआईआर दर्ज की। अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकीं, जिससे कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
जांच की प्रक्रिया
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह जांच की जा रही है कि हिंसा अचानक भड़की या यह पूर्व नियोजित कार्रवाई थी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
दिल्ली नगर निगम का स्पष्टीकरण
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने स्पष्ट किया है कि विध्वंस अभियान के दौरान सैयद फैज इलाही मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। निगम के अनुसार, यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की गई थी। अभियान में भारी संख्या में कर्मचारी, बुलडोजर और डंपर लगाए गए और बड़े पैमाने पर अवैध अतिक्रमण हटाया गया।
गृह मंत्री आशीष सूद की प्रतिक्रिया
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि हिंसा को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
