दिल्ली में अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा, पुलिसकर्मी घायल
दिल्ली के तुर्कमान गेट में अतिक्रमण हटाने का अभियान
नई दिल्ली। दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। जब दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की टीम फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अदालत के आदेश पर अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो स्थानीय लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की, बैरिकेड्स को तोड़ दिया और एक लाउडस्पीकर को नुकसान पहुंचाया।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार और बुधवार की रात के दौरान चलाए गए इस अभियान में 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने एमसीडी और पुलिस पर पथराव किया। इस हिंसा में थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हुए, जिन्हें एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने बताया कि झड़प के दौरान एक नाबालिग सहित पांच व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि 10-15 अन्य से पूछताछ की जा रही है। प्राथमिकी के अनुसार, यह घटना रात करीब 12:40 बजे शुरू हुई। निषेधाज्ञा (धारा 144) के बावजूद, भीड़ तुर्कमान गेट पर इकट्ठा हो गई और पुलिस के निर्देशों की अनदेखी करते हुए नारेबाजी करने लगी।
कांस्टेबल संदीप की शिकायत के अनुसार, पुलिस ने बार-बार लाउडस्पीकर से चेतावनी दी, लेकिन भीड़ ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया। रिपोर्ट में कहा गया है, “भीड़ ने बैरिकेड तोड़े, नारेबाजी की और दंगा करने लगी।”
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस हमले में थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए। प्राथमिकी में यह भी दर्ज है कि हिंसा के दौरान सरकारी संपत्ति—जैसे लाउडस्पीकर और बैरिकेड—को नुकसान पहुंचाया गया और पुलिस के कर्तव्य में बाधा डाली गई।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अदालत के निर्देश पर की गई थी और स्थानीय निवासियों को पहले ही इस बारे में सूचित किया गया था। मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात था, लेकिन अचानक हुई भीड़ और हिंसा ने स्थिति को बिगाड़ दिया।
