दिल्ली में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ रात में नगर निगम की बड़ी कार्रवाई
दिल्ली में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई
नई दिल्ली: दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में फैज-ए-इलाही मस्जिद के निकट अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम ने आधी रात को एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया। यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर की गई, जिसमें रामलीला मैदान के आस-पास हजारों वर्ग फुट सरकारी भूमि पर बने अवैध ढांचों को हटाने का निर्देश दिया गया था। इस कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय निवासियों ने विरोध किया और पथराव शुरू कर दिया, जिससे क्षेत्र में थोड़ी देर के लिए तनाव उत्पन्न हो गया।
बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास
एमसीडी की टीम ने 6 जनवरी की रात से बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया। कई रिपोर्टों के अनुसार, 10 से 30 बुलडोजरों का उपयोग किया गया। मस्जिद के निकट स्थित बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर और पार्किंग जैसी अवैध संरचनाओं को निशाना बनाया गया। ये सभी निर्माण सरकारी भूमि पर बने थे और पहले ही सर्वे में इन्हें अवैध घोषित किया जा चुका था। कार्रवाई शुरू होते ही कुछ लोग इकट्ठा हो गए और नारेबाजी करने लगे।
बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया गया, जिसके परिणामस्वरूप पथराव हुआ। पुलिस पर पत्थर फेंके गए, जिससे कुछ पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें आईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और रैपिड एक्शन फोर्स की सहायता से भीड़ को तितर-बितर किया। सेंट्रल रेंज के जॉइंट सीपी मधुर वर्मा ने बताया कि सीमित बल प्रयोग से स्थिति को जल्दी काबू में कर लिया गया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
हाईकोर्ट के आदेश का संदर्भ
यह कार्रवाई नवंबर 2025 में उच्च न्यायालय के उस निर्णय पर आधारित है, जिसमें रामलीला मैदान के पास लगभग 38,940 वर्ग फुट अतिक्रमण हटाने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था। एमसीडी ने दिसंबर में नोटिस जारी किया था कि मस्जिद को लीज पर दी गई 0.195 एकड़ भूमि के बाहर के सभी निर्माण अवैध हैं।
मस्जिद प्रबंधन समिति ने इस आदेश को चुनौती दी, लेकिन अदालत ने अंतरिम रोक नहीं लगाई। प्रशासन ने पहले लोगों को स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर भी दिया था।
ट्रैफिक पर प्रभाव और पुलिस की तैयारी
इस कार्रवाई के कारण आसपास की सड़कों पर असर पड़ा। जेएलएन मार्ग, अजमेरी गेट, मिंटो रोड, दिल्ली गेट और कमला मार्केट गोलचक्कर से जुड़े रास्ते बंद कर दिए गए। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी। पुलिस ने पहले से व्यापक इंतजाम किए थे। क्षेत्र को कई जोनों में विभाजित किया गया और प्रत्येक जोन में वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया। अमन कमेटी से भी बातचीत की गई ताकि शांति बनी रहे।
