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दिल्ली मेट्रो स्टेशनों के नामों में बदलाव: स्थानीय पहचान और जनभावनाओं का ध्यान रखा गया

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मेट्रो स्टेशनों के नामों में बदलाव की घोषणा की है। 12 नामों को यथावत रखा गया है, जबकि 7 में संशोधन और 2 के नाम पूरी तरह बदल दिए गए हैं। इस प्रक्रिया में स्थानीय पहचान, ऐतिहासिक महत्व और जनप्रतिनिधियों की सिफारिशों का ध्यान रखा गया है। जानें किस स्टेशन का नाम बदला गया और क्यों यह बदलाव महत्वपूर्ण है।
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दिल्ली मेट्रो स्टेशनों के नामों में बदलाव: स्थानीय पहचान और जनभावनाओं का ध्यान रखा गया

सीएम रेखा गुप्ता का बयान

सीएम ने कहा, 12 नाम यथावत, 7 में संशोधन और 2 स्टेशनों के नामों में बदलाव


ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक महत्व व जनप्रतिनिधियों आदि की सिफारिशों का ध्यान रखा गया


नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री और राज्य नाम प्राधिकरण (एसएनए) की चेयरमैन श्रीमती रेखा गुप्ता ने हाल ही में दिल्ली मेट्रो के कुछ पुराने और नए स्टेशनों के नामों में बदलाव की घोषणा की है। कुछ नाम पहले की तरह ही रखे गए हैं, जैसा कि दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में सुझाया गया था। प्राधिकरण की चेयरमैन ने बताया कि मेट्रो स्टेशन केवल यात्रा के स्थान नहीं होते, बल्कि वे उस क्षेत्र की पहचान और सांस्कृतिक महत्व को भी दर्शाते हैं। इसलिए, हर नाम पर गंभीरता से विचार किया गया है।


इस निर्णय की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में प्रस्तावित 21 स्टेशनों के नामों की समीक्षा के बाद प्राधिकरण ने 12 नामों को यथावत रखने, 7 में संशोधन करने और 2 स्टेशनों के नाम बदलने का निर्णय लिया है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टेशनों के नाम बदलते समय कई महत्वपूर्ण पहलुओं का ध्यान रखा गया। इनमें क्षेत्र की स्थानीय पहचान, ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व, और स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा नागरिकों से मिली सिफारिशें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नाम इस तरह रखे गए हैं कि यात्रियों को किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न हो और इलाके की भौगोलिक पहचान स्पष्ट रहे। जहां आवश्यक था, वहां आसपास के प्रमुख क्षेत्रों के नाम जोड़कर संयुक्त नाम भी मंजूर किए गए हैं ताकि लोगों को दिशा समझने में आसानी हो।


यथावत रखे गए मेट्रो स्टेशनों के नामों में मजलिस पार्क, भलस्वा, हैदरपुर बादली मोड़, दीपाली चौक, यमुना विहार, भजनपुरा, खजूरी खास, सूरघाट, झड़ौदा माजरा, बुराड़ी, पुष्पांजलि, मौजपुर-बाबरपुर शामिल हैं।


संशोधित स्टेशनों के नामों में उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार (पूर्व नाम: प्रशांत विहार), जगतपुर-वजीराबाद (पूर्व नाम: जगतपुर), नानक प्याऊ-डेरावल नगर (पूर्व नाम: डेरावल नगर), खानपुर-वायुसैनाबाद (पूर्व नाम: खानपुर), नानकसर-सोनिया विहार (पूर्व नाम: सोनिया विहार), श्री राम मंदिर मयूर विहार (पूर्व नाम: मयूर विहार पॉकेट-1) और मंगोलपुर कलां-वेस्ट एन्क्लेव (पूर्व नाम: वेस्ट एन्क्लेव) शामिल हैं। इन नामों में संशोधन स्थानीय पहचान और स्पष्ट दिशा संकेत को ध्यान में रखते हुए किया गया है। पूर्णतः परिवर्तित नामों में हैदरपुर गांव (पूर्व नाम: नॉर्थ पीतमपुरा) और मधुबन चौक (पीतमपुरा) शामिल हैं। इस स्टेशन का नाम पूरी तरह बदलकर क्षेत्र की स्थानीय पहचान के अनुरूप रखा गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने यह सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक स्टेशन का नाम क्षेत्रीय वास्तविकता और जनभावनाओं के अनुरूप हो। राज्य नाम प्राधिकरण ने हर प्रस्ताव पर तथ्यात्मक परीक्षण और विस्तृत चर्चा के बाद ही निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यदि किसी क्षेत्र से तर्कसंगत और जनहित आधारित प्रस्ताव प्राप्त होता है तो प्राधिकरण उस पर नियमों और मानकों के अनुसार विचार करेगा।