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दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर का उद्घाटन: PM मोदी ने शुरू की नई रैपिड ट्रांजिट सेवा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-मेरठ क्षेत्रीय तीव्र परिवहन प्रणाली का उद्घाटन किया, जिससे यात्रा में सुधार होगा। इस नई सेवा के तहत शाम 6 बजे से यात्री सेवाएं शुरू होंगी। जानें इस परियोजना की विशेषताएं, जैसे कि रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो के बीच इंटरचेंज की सुविधा और यात्रियों के लिए उपलब्ध आधुनिक सुविधाएं। यह परियोजना दिल्ली-एनसीआर में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर का उद्घाटन: PM मोदी ने शुरू की नई रैपिड ट्रांजिट सेवा

नई परिवहन प्रणाली का उद्घाटन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली-मेरठ क्षेत्रीय तीव्र परिवहन प्रणाली के शेष 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर और 23 किलोमीटर लंबे मेरठ मेट्रो के बाकी हिस्सों का उद्घाटन किया। इस नई परिवहन सेवा के आरंभ होने से दिल्ली-एनसीआर और मेरठ के बीच यात्रा में महत्वपूर्ण सुधार होगा।


यात्री सेवाएं शाम 6 बजे से शुरू

उद्घाटन के बाद, इस रूट पर शाम 6 बजे से यात्री सेवाएं चालू हो जाएंगी, जिससे लाखों लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। प्रधानमंत्री ने भारत की पहली 'नमो भारत' रैपिड रेल के बचे हुए खंडों को भी हरी झंडी दिखाई। इसमें दिल्ली में सराय काले खान से न्यू अशोक नगर तक लगभग 5 किलोमीटर और मेरठ में दक्षिण मेरठ से मोदीपुरम तक 21 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद, दिल्ली से मेरठ के बीच यात्रा का समय एक घंटे से भी कम हो जाएगा।




मुख्यमंत्री का स्वागत और उद्घाटन समारोह

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद, प्रधानमंत्री मेरठ पहुंचे, जहां उन्होंने आरआरटीएस और मेरठ मेट्रो के विभिन्न हिस्सों का उद्घाटन किया और एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान लगभग 12,930 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण भी किया गया।


आरआरटीएस और मेरठ मेट्रो की विशेषताएं

आरआरटीएस को 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति और लगभग 160 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति के हिसाब से तैयार किया गया है। इससे दिल्ली, साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। वहीं, मेरठ मेट्रो, जिसकी अधिकतम गति लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटा है, पूरे 23 किलोमीटर के रूट को लगभग 30 मिनट में पूरा कर सकेगी। यह पहली बार है जब नमो भारत ट्रेन और मेट्रो एक ही ट्रैक इंफ्रास्ट्रक्चर का साझा उपयोग करेंगी।


इंटरचेंज की सुविधा और यात्री सुविधाएं

इस कॉरिडोर में मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम जैसे प्रमुख स्टेशनों पर मेट्रो और रैपिड रेल के बीच इंटरचेंज की सुविधा दी गई है। सराय काले खान स्टेशन को मल्टी-मोडल ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया गया है, जहां से रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल और मेट्रो सेवाओं से कनेक्टिविटी मिलती है।


यात्रियों की सुविधा के लिए स्मार्ट टिकटिंग, क्यूआर कोड आधारित एंट्री, आधुनिक कोच, चार्जिंग पॉइंट, आरामदायक सीटें और महिलाओं के लिए अलग कोच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए सुरक्षा, स्वच्छता और यात्री सुविधाओं का निरीक्षण किया। यह परियोजना दिल्ली-एनसीआर में आधुनिक, तेज और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।