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दिल्ली शराब नीति मामले में AAP नेताओं की बरी होने पर पंजाब में जश्न का माहौल

दिल्ली शराब नीति मामले में आम आदमी पार्टी के नेताओं को अदालत से बरी होने के बाद पंजाब में जश्न का माहौल देखने को मिला। पार्टी कार्यकर्ताओं ने खुशी मनाते हुए मिठाइयां बांटी और भांगड़ा किया। नेताओं ने इसे सच्चाई और ईमानदार राजनीति की जीत बताया। इस फैसले ने पार्टी के संकल्प को नई ऊर्जा दी है और कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतंत्र की जीत माना। जानें इस जश्न के पीछे की पूरी कहानी।
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दिल्ली शराब नीति मामले में AAP नेताओं की बरी होने पर पंजाब में जश्न का माहौल

चंडीगढ़ में खुशी का माहौल


चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब कार्यालय में शुक्रवार को एक उत्सव का माहौल देखने को मिला। दिल्ली की शराब नीति से जुड़े मामले में अदालत ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य पार्टी नेताओं को बरी कर दिया है।


उत्सव का माहौल

इस फैसले के बाद पार्टी की पंजाब इकाई ने खुशी से जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने ढोल की थाप पर भांगड़ा किया और मिठाइयां बांटकर एक-दूसरे को बधाई दी।


पार्टी कार्यालय में सैकड़ों कार्यकर्ता इकट्ठा हुए, जिनमें वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा, हरदीप सिंह मुंडियां और हरजोत बैंस शामिल थे। सभी ने इस फैसले को 'सच्चाई और ईमानदार राजनीति की जीत' बताया।


नेताओं की प्रतिक्रिया

नेताओं ने सभा में कहा कि अदालत का निर्णय न्यायपालिका पर जनता के विश्वास को और मजबूत करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल और अन्य नेताओं पर लगाए गए आरोप राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम थे।


इस फैसले ने उन आरोपों को गलत साबित कर दिया है। नेताओं ने कहा कि पार्टी अब शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के कार्यों पर और अधिक ध्यान केंद्रित करेगी। यह जीत पार्टी के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।


कार्यकर्ताओं की खुशी

कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय को केवल पार्टी की जीत नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जीत भी माना। उन्होंने कहा कि सच्चाई अंततः सामने आ ही जाती है। कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि जेल की कठिनाइयों के बाद यह राहत बहुत बड़ी है। वे गर्व महसूस कर रहे हैं कि उनके नेता निर्दोष साबित हुए।


यह जश्न कई घंटों तक चलता रहा और पूरे कार्यालय में उत्साह की लहर दौड़ गई। यह फैसला दिल्ली शराब नीति मामले से संबंधित है, जिसमें सीबीआई ने जांच की थी। अदालत ने कहा कि पर्याप्त सबूत नहीं मिले और जांच में खामियां थीं। 23 आरोपियों को क्लीन चिट मिली। पंजाब में आप की सरकार होने के कारण यह फैसला यहां विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। पार्टी कार्यकर्ता इसे नई शुरुआत मान रहे हैं।