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नोएडा में जुड़वा भाइयों का चोर गैंग पकड़ा गया: 15 लाख का सामान बरामद

नोएडा में पुलिस ने एक अनोखे चोर गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसमें दो जुड़वा भाई शामिल हैं। ये भाई अपनी समान शक्ल का फायदा उठाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 15 लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद किया। जानें कैसे इन भाइयों ने अपनी चालाकी से पुलिस को धोखा दिया और आखिरकार उनकी गिरफ्तारी कैसे हुई।
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नोएडा में जुड़वा भाइयों का चोर गैंग पकड़ा गया: 15 लाख का सामान बरामद

नोएडा में अनोखे चोर गैंग का पर्दाफाश


उत्तर प्रदेश: नोएडा में पुलिस ने एक अनोखे चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह की विशेषता दो हमशक्ल जुड़वा भाई हैं, जो अपनी समान शक्ल का लाभ उठाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस भी उनके चेहरे देखकर बार-बार धोखा खा जाती थी। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से लाखों रुपये की चोरी की गई बाइक और पार्ट्स बरामद हुए हैं।


जुड़वा भाइयों की चालाकी

इस गिरोह का नेतृत्व जुड़वा भाई अरमान (जिसे सुट्टा भी कहा जाता है) और उलमान कर रहे थे। दोनों की शक्ल एक जैसी थी और वे एक जैसे कपड़े पहनते थे। उनकी योजना यह थी कि एक भाई कबाड़ की दुकान पर बैठकर ग्राहकों से बातचीत करता रहता, ताकि उसका अलिबाई मजबूत रहे। इसी दौरान दूसरा भाई चोरी कर लेता।


जब पुलिस पूछताछ करती, तो दुकान पर बैठा भाई कहता कि वह तो दुकान पर था। उनके समान चेहरे के कारण गवाह और पुलिस भी भ्रमित हो जाते थे। इस तरकीब से वे लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहे।


15 लाख रुपये का सामान बरामद

पुलिस ने सोमवार को सेक्टर-14ए के पास छापा मारकर चारों आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार लोगों में जुड़वा भाई अरमान और उलमान के अलावा शादाब (उर्फ रुतबा) और विजय शामिल हैं। इनके पास से 15 चोरी की दोपहिया वाहन, 12 पेट्रोल टैंक, 5 साइलेंसर, 5 मुखोटे, 4 मडगार्ड और 2 टायर रिम बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, सभी सामान की कीमत लगभग 15 लाख रुपये है।


चोरी की योजना

जांच में पता चला कि ये लोग दिल्ली, नोएडा और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में सक्रिय थे। वे सोसाइटियों, कंपनियों और फैक्ट्रियों के बाहर खड़ी बाइक और स्कूटर की पहले रेकी करते थे। फिर मौका देखकर लॉक तोड़कर वाहन चुरा लेते थे। चोरी के बाद, ये गाड़ियां कबाड़ियों के पास ले जाई जाती थीं, जहां इन्हें काटकर पार्ट्स अलग कर दिए जाते थे।


ये पार्ट्स बाजार में अच्छे दामों पर बेचे जाते थे। कभी-कभी पूरी बाइक या स्कूटी को कम कीमत पर दूसरे राज्यों में बेच देते थे। पुलिस का कहना है कि जुड़वा भाइयों की यह तरकीब काफी समय तक सफल रही, लेकिन अंततः सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों से उनका खेल खत्म हो गया। अब सभी आरोपी जेल में हैं और आगे की जांच जारी है।