पंजाब की जीएसटी में 14.59% की वृद्धि: वित्त मंत्री ने साझा की सफलता की कहानी
पंजाब की वित्तीय सफलता का नया अध्याय
चंडीगढ़: पंजाब ने अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करते हुए मई 2026 में वस्तु एवं सेवा कर (जी.एस.टी.) में 14.59 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है, जैसा कि राज्य के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां बताया।
वित्त मंत्री ने कहा कि इस महीने जी.एस.टी. संग्रह 2,400.52 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के इसी महीने में 2,094.81 करोड़ रुपये की तुलना में 305.71 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्शाता है।
आर्थिक गतिविधियों का सकारात्मक प्रभाव
वित्त मंत्री का बड़ा दावा
चीमा ने बताया कि यह वृद्धि निरंतर आर्थिक गतिविधियों, बेहतर कर अनुपालन और आबकारी एवं कर विभाग द्वारा प्रभावी उपायों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि पंजाब की जी.एस.टी. वृद्धि राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.2 प्रतिशत की वृद्धि से अधिक है।
इन्फोर्समेंट की उपलब्धियां
इन्फोर्समेंट उपलब्धियों पर जानकारी
वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य इंटेलिजेंस और प्रिवेंटिव यूनिट्स (सिपू) ने मई 2026 में 182.69 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया और 178.76 करोड़ रुपये की वसूली की।
यह वसूली डेटा विश्लेषण, गुप्त जानकारी और फील्ड ऑपरेशनों के माध्यम से संभव हुई।
टैक्स धोखाधड़ी का पर्दाफाश
टैक्स चोरी के खिलाफ कार्रवाई
चीमा ने बताया कि पंजाब कर विभाग ने मई 2026 में 85.4 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग रैकेट का पर्दाफाश किया और एक फर्म के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया।
इस कार्रवाई में जाली दस्तावेजों का उपयोग किया गया था, और लगभग 3 करोड़ रुपये की वसूली की गई है।
मुख्यमंत्री का नेतृत्व
सीएम मान का सटीक नेतृत्व
वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि सरकार ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति को दोहराया।
