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पंजाब की शिक्षा क्रांति: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने टॉप विद्यार्थियों को किया सम्मानित

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज चंडीगढ़ में एक समारोह में टॉप विद्यार्थियों को सम्मानित किया, जिन्होंने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की आठवीं कक्षा की मेरिट लिस्ट में 19 स्थान हासिल किए। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार दिए और शिक्षा में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने बताया कि आम परिवारों की बेटियों ने इस बार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जो शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रही हैं। जानें इस समारोह की और भी खास बातें और विद्यार्थियों की प्रेरणादायक कहानियाँ।
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पंजाब की शिक्षा क्रांति: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने टॉप विद्यार्थियों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री का सम्मान समारोह


पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एक समारोह में कहा कि राज्य की 'शिक्षा क्रांति' अब वास्तविक परिणाम दिखा रही है। उन्होंने बताया कि आम परिवारों की बेटियों ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की आठवीं कक्षा की मेरिट लिस्ट में पहले 20 में से 19 स्थान प्राप्त किए हैं। चंडीगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम में, मुख्यमंत्री ने शीर्ष विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए घोषणा की कि उन्हें बिना किसी प्रवेश परीक्षा के स्कूल ऑफ एमिनेंस में सीधे प्रवेश दिया जाएगा।


नकद पुरस्कार और प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने पहले तीन स्थानों पर आने वाले विद्यार्थियों को 50-50 हजार रुपए के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे हमेशा मेहनत करें और सही रोल मॉडल चुनें। उन्होंने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूल अब शिक्षा के राष्ट्रीय मानक के रूप में उभर रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा, "पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की आठवीं कक्षा के नतीजों में अव्वल रहने वाले विद्यार्थियों को चंडीगढ़ में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके माता-पिता और शिक्षकों को भी बधाई दी गई।"


सामाजिक बदलाव का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल की परीक्षा में पहले स्थान पर एक ईंट भट्ठे के काम करने वाले मुनीम की बेटी ने सफलता प्राप्त की, जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमशः टाइलों की दुकान के मालिक और सरकारी स्कूल के शिक्षक की बेटियों ने स्थान बनाया। यह दर्शाता है कि आम परिवारों के बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहे हैं।


उन्होंने कहा, "हमारी सरकार बच्चों के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करने के लिए प्रयासरत हैं।"


लड़कियों की उपलब्धि

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पहली बार लड़कियों ने मेरिट लिस्ट में 19 स्थान हासिल किए हैं, जो उनके दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। उन्होंने कहा, "इन विद्यार्थियों को बिना किसी प्रवेश परीक्षा के स्कूल ऑफ एमिनेंस में नवीं कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा।"


उन्होंने विद्यार्थियों की योग्यता पर जोर देते हुए कहा कि इस साल कुल 2.62 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी।


शिक्षा पर सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने शिक्षा को पंजाब सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे में सुधार किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में एक रोल मॉडल के रूप में उभरा है।"


उन्होंने तीन शीर्ष विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया, जिनमें से एक ने 600 में से 600 अंक प्राप्त किए।


विद्यार्थियों की आकांक्षाएं

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपनी आकांक्षाएं साझा कीं और व्यक्तिगत रूप से सम्मानित होने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे आम पृष्ठभूमि से हैं और कड़ी मेहनत और सरकार के सहयोग से अपने सपनों को साकार करने के लिए दृढ़ हैं।


इस कार्यक्रम में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।