पंजाब सरकार का नया एनआरआई ई-सनद पोर्टल: प्रवासी पंजाबियों के लिए डिजिटल सुविधा
पंजाब सरकार की नई पहल
पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने प्रवासी पंजाबियों और एनआरआई समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल के तहत 'एनआरआई ई-सनद पोर्टल' की शुरुआत की है। इस नई प्रणाली के माध्यम से विदेशों में रहने वाले पंजाबियों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने या बार-बार भारत आने की आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना प्रशासनिक सेवाओं को सरल, पारदर्शी और पूरी तरह से ऑनलाइन बनाने के उद्देश्य से बनाई गई है।
27 सरकारी सेवाओं का लाभ
इस पोर्टल के माध्यम से एनआरआई अब 27 महत्वपूर्ण सरकारी सेवाओं का लाभ घर बैठे उठा सकते हैं। इनमें जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, निवास और आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण जैसे आवश्यक दस्तावेज शामिल हैं। पहले इन कागजातों के लिए प्रवासी पंजाबियों को या तो खुद पंजाब आना पड़ता था या फिर रिश्तेदारों की मदद से लंबी प्रक्रिया से गुजरना होता था, जिसमें काफी समय और पैसा खर्च होता था। अब डिजिटल आवेदन और ऑनलाइन सत्यापन के जरिए यह प्रक्रिया सरल हो गई है।
यूज़र-फ्रेंडली पोर्टल
सरकार ने इस पोर्टल को यूज़र-फ्रेंडली बनाया है, ताकि तकनीकी जानकारी कम रखने वाले लोग भी आसानी से इसका उपयोग कर सकें। यह पोर्टल पंजाबी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे विभिन्न देशों में रह रहे एनआरआई बिना किसी भाषा बाधा के सेवाएं प्राप्त कर सकें। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि कार्य में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
एनआरआई मिलनी का आयोजन
पंजाब सरकार ने वर्ष 2026 में 'एनआरआई मिलनी' आयोजित करने की योजना की भी घोषणा की है। इसका उद्देश्य दुनियाभर में बसे पंजाबियों को एक साझा मंच पर लाना है, ताकि वे राज्य के विकास में अपनी भूमिका निभा सकें। इस पहल के माध्यम से व्यापार, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खोले जाएंगे।
पंजाबी समुदाय की संख्या
आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 30 लाख से अधिक पंजाबी मूल के लोग निवास करते हैं, जो हर साल बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा पंजाब भेजते हैं। इसके बावजूद उन्हें प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि प्रवासी पंजाबी राज्य की पहचान और ताकत हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है।
भविष्य की योजनाएं
एनआरआई कल्याण विभाग के अनुसार, भविष्य में इस पोर्टल पर संपत्ति, पेंशन और कानूनी दस्तावेजों से संबंधित सेवाएं भी जोड़ी जाएंगी। इसके साथ ही विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों के साथ तालमेल कर दस्तावेज सत्यापन को और तेज किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है। यह पोर्टल न केवल प्रवासी पंजाबियों को सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें अपनी जड़ों से और गहराई से जोड़ने का कार्य भी करेगा।
