Newzfatafatlogo

पंजाब सरकार ने महिलाओं के लिए 102 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा

पंजाब सरकार ने 6.83 लाख विधवा और निराश्रित महिलाओं के लिए 102 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की है। यह योजना महिलाओं को आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने में मदद करेगी। मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इस सहायता से महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और उन्हें अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सहारा मिलेगा। जानें इस योजना के पात्र लाभार्थियों के बारे में और कैसे यह कदम महिलाओं के कल्याण में सहायक होगा।
 | 
पंजाब सरकार ने महिलाओं के लिए 102 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा

महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता का बड़ा कदम


6.83 लाख महिलाओं को हर महीने मिल रही वित्तीय सहायता, आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने की दिशा में बड़ा कदम


चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि राज्य सरकार कमजोर वर्गों, विशेषकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। यह वित्तीय सहायता हजारों महिलाओं के लिए सहारा बन रही है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन की आवश्यकताओं को पूरा कर पा रही हैं।


उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने विधवा और निराश्रित महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के मार्च माह के लिए 102 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है।


राज्य की महिलाओं को मिल रही सहायता राशि

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वर्तमान में 6,83,004 विधवा और निराश्रित महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं और उन्हें हर महीने वित्तीय सहायता दी जा रही है। डॉ. बलजीत कौर ने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान पात्र लाभार्थियों को निरंतर पेंशन मिलती रहे, इसके लिए 1200 करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है, जो महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


योजना के पात्र लाभार्थी

उन्होंने बताया कि 58 वर्ष से कम आयु की विधवा और निराश्रित महिलाएं, 30 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिलाएं, और 60,000 रुपये या इससे कम वार्षिक आय वाली महिलाएं इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर पात्र महिला को समय पर वित्तीय सहायता मिले।