Newzfatafatlogo

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: बीजेपी का समान नागरिक संहिता का वादा

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान नजदीक है, और सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का वादा किया है, जिससे हिंदू और मुस्लिम वोटों के बीच घमासान छिड़ गया है। अमित शाह ने टीएमसी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना आवश्यक है। टीएमसी ने इस मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया है। जानें इस चुनावी मुकाबले में क्या हो सकता है आगे।
 | 
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: बीजेपी का समान नागरिक संहिता का वादा

पश्चिम बंगाल में चुनावी तैयारियां तेज

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान कुछ ही दिनों में होने वाला है। सभी राजनीतिक दलों ने चुनावी प्रचार में तेजी ला दी है। मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच है। बीजेपी ने चुनावी घोषणा पत्र जारी करते हुए एक महत्वपूर्ण वादा किया है कि वह राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करेगी। इसके साथ ही, पार्टी ने अन्य कई वादे भी किए हैं, जिससे हिंदू बनाम मुस्लिम वोटों की चर्चा फिर से शुरू हो गई है.


बीजेपी का यूसीसी वादा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस वादे से बीजेपी को हिंदू मतों को एकजुट करने में मदद मिल सकती है, जबकि टीएमसी अपने अल्पसंख्यक मतदाताओं को फिर से संगठित करने की कोशिश कर सकती है। अमित शाह ने घोषणा पत्र जारी करते हुए टीएमसी पर तीखा हमला किया।


अमित शाह का बयान

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कोलकाता में बीजेपी के संकल्प पत्र को पेश करते हुए कहा कि बंगाल में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होगा। उन्होंने कहा, 'बीजेपी शासित कई राज्यों में यूसीसी लागू किया गया है। हम छह महीने के भीतर इसे बंगाल में भी लागू करेंगे।'


चुनाव से पहले का मुद्दा

बीजेपी ने 23 अप्रैल को मतदान से ठीक दो हफ्ते पहले यूसीसी का मुद्दा उठाया है। पश्चिम बंगाल में मुस्लिम आबादी लगभग 30 प्रतिशत है, और विधानसभा की 294 सीटों में से 110 पर अल्पसंख्यक वोट निर्णायक हैं। अमित शाह ने कहा, 'क्या सभी नागरिकों के लिए एक ही कानून होना तुष्टीकरण है? यूसीसी तुष्टीकरण को समाप्त करता है।'


आलोचनाओं का सामना

यूसीसी के मुद्दे पर बीजेपी की आलोचना हो रही है। आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा गया कि यह सिफारिश संविधान सभा की थी। टीएमसी ने अमित शाह के बयानों को सांप्रदायिक बताया और चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया।


टीएमसी का दृष्टिकोण

तृणमूल के वरिष्ठ नेताओं ने यूसीसी की घोषणा को मतदाताओं को ध्रुवीकृत करने का प्रयास बताया। उन्होंने बीजेपी पर अल्पसंख्यकों के बीच भय फैलाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले यूसीसी की आलोचना की थी।


मुस्लिम वोटों का एकजुट होना

हाल के महीनों में टीएमसी को मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। हालांकि, चुनाव से पहले एक वीडियो सामने आने से गठबंधन टूट गया है, जिससे पार्टी को लाभ मिल सकता है।