पानीपत-जींद फोरलेन प्रोजेक्ट: सड़क चौड़ीकरण से बढ़ेगी सुरक्षा और सुविधा

पानीपत-जींद फोरलेन परियोजना का शुभारंभ
पानीपत-जींद फोरलेन प्रोजेक्ट (पानीपत): पानीपत से जींद तक का हाईवे अब 10 मीटर चौड़ा होगा। इसके लिए 32 एकड़ भूमि पर टेंडर जारी किया गया है। कंपनी को एक महीने के भीतर इस परियोजना पर कार्य प्रारंभ करना होगा। इस चौड़ीकरण के लिए कुल 184 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
पेड़ों की कटाई के लिए मिली अनुमति
वन विभाग ने पेड़ों की कटाई के लिए आवश्यक एनओसी प्रदान कर दी है। पौधारोपण के लिए 32 एकड़ भूमि परढ़ाना गांव के निकट उपलब्ध कराई गई है, जो अब वन विभाग के नाम पर ट्रांसफर हो चुकी है।
परियोजना का कार्यान्वयन दो चरणों में
दो चरणों में पूरा होगा प्रोजेक्ट
यह परियोजना पानीपत से सफीदों और सफीदों से जींद के बीच दो चरणों में पूरी की जाएगी। प्रत्येक चरण पर 92 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस सड़क के निर्माण से हरिद्वार और देहरादून तक यात्रा करना आसान होगा, साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
स्थानीय निवासियों की लंबे समय से थी मांग
पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार इस परियोजना के लिए चार वर्षों से प्रयासरत थे। पानीपत से जींद की सड़क वर्तमान में दो लेन की है, लेकिन वाहनों की संख्या में वृद्धि के कारण यह तंग हो गई है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
सड़क चौड़ीकरण से मिलेगी राहत
स्थानीय लोग लंबे समय से सड़क चौड़ीकरण की मांग कर रहे थे। वन विभाग की मंजूरी के बाद अब यह परियोजना आगे बढ़ रही है। दरियापुर मोड़ तक फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा, जो जिला पानीपत का हिस्सा बनेगा।
सड़क सुरक्षा में सुधार
पानीपत से रोहतक और हरिद्वार के लिए फोरलेन सड़कें बन चुकी हैं, लेकिन पानीपत-जींद हाईवे अभी भी संकरा है। इस सड़क पर अक्सर बड़े हादसे होते हैं, विशेषकर धर्मल के पास। सड़क चौड़ीकरण से इन दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
इसराना क्षेत्र में सड़कों का जीर्णोद्धार
इसराना की सड़कों का भी होगा जीर्णोद्वार
इसराना क्षेत्र में 121.210 किमी सड़क का निर्माण 84.70 करोड़ रुपये में किया जाएगा, जिससे 50 गांवों के लाखों लोगों को लाभ होगा। इसके लिए टेंडर भी जारी हो चुका है।
प्रोजेक्ट की प्रगति
पीडब्ल्यूडी के एसडीओ अश्विनी भारद्वाज ने बताया कि पानीपत-जींद फोरलेन प्रोजेक्ट को गति मिल गई है। टेंडर जारी हो चुका है और कंपनियों को एक महीने के भीतर कार्य प्रारंभ करना होगा। मंत्री कृष्ण लाल पंवार के प्रयासों से यह प्रोजेक्ट जल्द पूरा होने की उम्मीद है।