पुराने संसद भवन में आग: वेल्डिंग के दौरान लगी चिंगारी से हुआ हादसा
नई दिल्ली में पुराने संसद भवन में आग लगने की घटना
नई दिल्ली: संविधान सदन की छत पर मंगलवार शाम को अचानक आग लग गई। यह घटना लगभग 5:40 बजे हुई। आग लगने से थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी मच गई, लेकिन जल्दी ही इसे बुझा लिया गया।
वेल्डिंग कार्य के दौरान लगी आग
जानकारी के अनुसार, छत पर मरम्मत का कार्य चल रहा था और वेल्डिंग की प्रक्रिया के दौरान चिंगारियों के कारण आग भड़क उठी। आग शुरू में एक छोटे क्षेत्र तक सीमित थी, लेकिन जल्दी ही फैलने लगी।
CISF की फायर टीम ने आग पर काबू पाया
CISF की फायर टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कुछ ही मिनटों में आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया। अधिकारियों ने बताया कि आग किसी बड़े स्तर तक नहीं फैली और न ही किसी प्रकार का जान-माल का नुकसान हुआ है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
संविधान सदन का ऐतिहासिक महत्व
पुराना संसद भवन, जिसे अब 'संविधान सदन' के नाम से जाना जाता है, लगभग 96 वर्षों तक भारतीय लोकतंत्र का केंद्र रहा। यह भवन 1927 में बना और भारतीय संविधान का निर्माण यहीं हुआ। सितंबर 2023 में नए संसद भवन के उद्घाटन के बाद इसका नाम संविधान सदन रखा गया।
अब इस ऐतिहासिक भवन का उपयोग संसदीय कार्यक्रमों और संग्रहालय के रूप में किया जाएगा। इसे ब्रिटिश आर्किटेक्ट सर एडविन लुटियंस और सर हरबर्ट बेकर ने डिजाइन किया था, और इसका निर्माण 1921 में शुरू होकर 1927 में पूरा हुआ।
CISF द्वारा सुरक्षा व्यवस्था
2023 में संसद सुरक्षा में हुई चूक के बाद सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए थे। मई 2024 से पुराने और नए दोनों संसद भवनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंपी गई है। पहले यह जिम्मेदारी CRPF की विशेष टीम के पास थी। आग की इस घटना के बाद सुरक्षा और मरम्मत कार्यों में सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
