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पुरुलिया जिला: सांस्कृतिक धरोहर और भौगोलिक विशेषताएँ

पुरुलिया जिला, पश्चिम बंगाल का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो अपनी सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक स्थलों और कृषि के लिए जाना जाता है। यहाँ के छऊ नृत्य और कारीगरों की कला विश्व प्रसिद्ध है। जिले की जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों और जातियों की महत्वपूर्ण भागीदारी है। पुरुलिया की भौगोलिक स्थिति और कृषि योग्य भूमि इसे एक विशेष पहचान देती है। जानें इस जिले की और भी खासियतें और त्योहारों के बारे में।
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पुरुलिया जिला: सांस्कृतिक धरोहर और भौगोलिक विशेषताएँ

पुरुलिया का सांस्कृतिक महत्व

पश्चिम बंगाल का पुरुलिया जिला कसई नदी के उत्तर में स्थित है, जहाँ सातवीं शताब्दी के जैन मंदिरों के अवशेष आज भी देखे जा सकते हैं। यहाँ का छऊ नृत्य, जो विश्वभर में प्रसिद्ध है, पद्मश्री दिवंगत गंभीर सिंह मुरा जैसे कलाकारों द्वारा लोकप्रिय हुआ। चरिदा गांव में लगभग 250 कारीगर मुखौटे बनाते हैं, जो छऊ नृत्य में उपयोग होते हैं और इसे जीआई टैग भी प्राप्त है।


कृषि और त्योहार

पुरुलिया में 1940 से 1950 के बीच एक महत्वपूर्ण भाषा आंदोलन हुआ। यहाँ के अधिकांश लोग छोटे और सीमांत किसान हैं, और कृषि योग्य भूमि का 60 प्रतिशत हिस्सा पर्वतीय है। धान यहाँ की प्रमुख फसल है, जो जिले के 83 प्रतिशत क्षेत्र में उगाई जाती है। काली पूजा के बाद बंधना परब का त्योहार कुर्मी, भूमिज, कोर्हा और लोढ़ा समुदायों में मनाया जाता है।


ऐतिहासिक स्थल और पर्यटन

पुरुलिया शहर से लगभग 60 किमी दूर नेतुरिया ब्लॉक में गढ़ पंचकोट का ऐतिहासिक स्थल है, जहाँ 1600वीं शताब्दी के पंचकोट राजाओं के खंडहर देखे जा सकते हैं। अयोध्या हिल्स, जो पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है, जिले का एक अन्य आकर्षण है।


जनसंख्या और जातीय संरचना

2011 की जनगणना के अनुसार, पुरुलिया की कुल जनसंख्या 29.30 लाख है, जिसमें 19.38 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति और 18.45 प्रतिशत अनुसूचित जाति की आबादी शामिल है। यहाँ की 12.74 प्रतिशत जनसंख्या शहरी क्षेत्रों में निवास करती है।


जिले की प्रशासनिक संरचना

पुरुलिया जिले में चार तहसीलें और 20 ब्लॉक हैं, जिनमें 3 नगर पालिकाएँ शामिल हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 26 थाने कार्यरत हैं। यहाँ प्रति वर्ग किमी 468 लोग निवास करते हैं, और मुख्य भाषाएँ बंगाली, कुरमाली और संताली हैं।


भौगोलिक स्थिति

यह जिला पश्चिम बंगाल का सबसे पश्चिमी भाग है, जहाँ झारखंड के रांची और बोकारो शहर पश्चिम में स्थित हैं। उत्तर और उत्तर-पश्चिम में धनबाद और हजारीबाग हैं, जबकि दक्षिण में सिंहभूम और पूर्व में बांकुड़ा जिला है। जिले का पूर्वी भाग उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी से भरा हुआ है।


विधानसभा सीटें

पुरुलिया जिले की विधानसभा सीटें
पुरुलिया सुदीप कुमार मुखर्जी  बीजेपी
बंदवान (ST) राजीब लोचन सरेन    टीएमसी
बलरामपुर बानेश्वर महतो बीजेपी
बाघमुंडी सुशांत महतो टीएमसी
जॉयपुर नरहरि महतो  बीजेपी
मानबाजार संध्यारानी टुडू  टीएमसी
काशीपुर कमलाकांत हांसदा टीएमसी
पारा (SC) नादियार चंद बाउरी बीजेपी
रघुनाथपुर (SC) विवेकानंद बाउरी बीजेपी


जिले की स्थिति

  • क्षेत्रफल: 6,259 वर्ग किमी
  • जनसंख्या: 29,30,115
  • साक्षरता दर: 64.48 %
  • लिंगानुपात:  957
  • विधानसभा सीटें: 9
  • नगर पालिका: 3
  • ब्लॉक: 20
  • गांव: 2667