प्रतीक यादव का आकस्मिक निधन: राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर
प्रतीक यादव का निधन
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का निधन, जो भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति थे, ने राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर पैदा कर दी है। बुधवार सुबह आई इस दुखद खबर ने सभी को चौंका दिया। 38 वर्षीय प्रतीक की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिवार, समर्थकों और राजनीतिक नेताओं का उनके घर पर आना शुरू हो गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपर्णा यादव के घर पहुंचे और प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस मौके पर प्रदेश सरकार के कई मंत्री और अधिकारी भी उपस्थित थे।
#WATCH | Lucknow, UP | UP CM Yogi Adityanath pays his last respects to Prateek Yadav at his wife, BJP leader Aparna Yadav's residence.
— News Media May 13, 2026
Samajwadi Party Founder Mulayam Singh Yadav's son, Prateek Yadav, passed away this morning. pic.twitter.com/sLY1VEmVFg
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी शोक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के पुत्र और अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का असमय निधन अत्यंत दुखद है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस कठिन समय में सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
प्रतीक यादव समाजवादी परिवार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थे। हालांकि वे सक्रिय राजनीति से दूर रहते थे, लेकिन उनका नाम हमेशा राजनीतिक चर्चाओं में बना रहता था। उनकी पत्नी अपर्णा यादव भाजपा से जुड़ी हुई हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी हैं। उनके निधन की खबर के बाद समाजवादी पार्टी और भाजपा दोनों दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया। कई राजनीतिक हस्तियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया
प्रतीक यादव के निधन के बाद उनके शव को लखनऊ स्थित केजीएमयू में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। डॉक्टरों के एक विशेष पैनल ने पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवार के घर लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जमने के कारण उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उनकी मृत्यु हुई। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में पल्मोनरी एम्बोलिज्म कहा जाता है।
मौत का कारण
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह सामने आया कि फेफड़ों की नसों में खून का थक्का बनने से रक्त संचार प्रभावित हुआ, जिसके कारण उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया। डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए दिल और फेफड़ों से जुड़े कुछ नमूने सुरक्षित रखे हैं। इसके अलावा, शरीर के कुछ अंगों को रासायनिक जांच के लिए भी संरक्षित किया गया है। पुलिस को जांच रिपोर्ट आगे की प्रक्रिया के लिए सौंप दी गई है।
