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प्रयागराज में मकर संक्रांति स्नान: श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

प्रयागराज में मकर संक्रांति स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही संगम पर भक्तों का सैलाब देखने को मिला, जहां उन्होंने सूर्य को जल अर्पित किया। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, जिसमें ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं। जानें इस पर्व की परंपरा और प्रशासन की तैयारियों के बारे में।
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प्रयागराज में मकर संक्रांति स्नान: श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

प्रयागराज में मकर संक्रांति का पर्व


प्रयागराज: आज मकर संक्रांति स्नान पर्व के अवसर पर प्रयागराज के पवित्र संगम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह होते ही संगम और अन्य प्रमुख स्नान घाटों पर देशभर से लोग पहुंचने लगे। मौसम साफ रहने के कारण श्रद्धालुओं को स्नान करने में कोई कठिनाई नहीं हुई। अनुकूल मौसम का लाभ उठाते हुए भक्तों ने श्रद्धा के साथ संगम में स्नान किया।


सुबह करीब सात बजे तक लगभग दो लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया, हालांकि प्रशासन की ओर से आधिकारिक आंकड़े अभी जारी नहीं हुए हैं। घाटों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें सतर्कता से तैनात रहीं और व्यवस्था को बनाए रखा।


सूर्योदय के साथ श्रद्धालुओं का उत्साह

सूर्योदय के साथ बढ़ा श्रद्धालुओं का उत्साह


जैसे ही भोर का अंधेरा छटा और सूर्यदेव ने अपनी किरणों से संगम को रोशन किया, स्नान कर रहे श्रद्धालुओं का उत्साह और भी बढ़ गया। भक्तों ने सूर्य को जल अर्पित करते हुए "ॐ सूर्याय नमः" का जाप किया, जिससे संगम क्षेत्र में एक आध्यात्मिक वातावरण बन गया।


प्रशासन और पुलिस की कड़ी निगरानी

प्रशासन और पुलिस की कड़ी निगरानी


संगम और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही तैनात रहे। भीड़ पर नजर रखने के साथ-साथ घाटों को समय-समय पर खाली कराने के निर्देश दिए जाते रहे। सुबह के उजाले तक स्नान पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।


सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम


मेला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई कमी नहीं छोड़ी है। पूरे मेला क्षेत्र में ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे, डॉग स्क्वाड, बम निरोधक दस्ते और जल पुलिस की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।


परंपरा निभाने पहुंचे श्रद्धालु

परंपरा निभाने पहुंचे श्रद्धालु


हालांकि मकर संक्रांति का मुख्य स्नान मुहूर्त 15 जनवरी को है, लेकिन परंपरा के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालु 14 जनवरी को भी स्नान के लिए पहुंचे। मंगलवार से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था, जिसके कारण मेला क्षेत्र के सभी आश्रय स्थल भर गए हैं। कल्पवास कर रहे संतों और गृहस्थों के शिविरों में भी काफी भीड़ देखी जा रही है।


मकर संक्रांति के बाद 18 जनवरी को मौनी अमावस्या का प्रमुख स्नान पर्व है। इन दोनों बड़े स्नान पर्वों को देखते हुए प्रशासन ने सभी तैयारियां पहले से ही कर ली हैं।