फरीदाबाद में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई: इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद
फरीदाबाद में प्रशासन की तैयारी
फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की योजना बनाई है। एनआईटी क्षेत्र में शनिवार को बुलडोजर चलाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। प्रशासन को आशंका है कि इस कार्रवाई के दौरान तनाव उत्पन्न हो सकता है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है।
इंटरनेट सेवाओं पर रोक
कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अफवाहों को रोकने के लिए सरकार ने प्रभावित क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। गृह विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
इंटरनेट सेवाओं का समय
कब से कब तक बंद रहेंगी इंटरनेट सेवाएं?
हरियाणा सरकार के आदेश के अनुसार, इंटरनेट सेवाओं पर रोक 30 मई 2026 को रात 12:30 बजे से लागू हो गई है। यह प्रतिबंध शनिवार रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन का कहना है कि यह कदम सुरक्षा और शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
सोशल मीडिया और मैसेजिंग सेवाओं पर रोक
सोशल मीडिया और मैसेजिंग सेवाओं पर भी रोक
गृह विभाग के आदेश में कहा गया है कि एनआईटी जोन के निर्धारित क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं, बल्क एसएमएस और डोंगल आधारित इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित रहेंगी।
प्रशासन का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से अफवाहें या भड़काऊ संदेश फैलाए जा सकते हैं। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
प्रभावित प्लेटफार्म
किन प्लेटफॉर्म्स पर रहेगा असर?
आदेश के अनुसार, व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर असर पड़ेगा, क्योंकि मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रहेंगी।
सरकार का उद्देश्य गलत सूचना या भ्रामक सामग्री के प्रसार को रोकना और स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखना है।
प्रतिबंध का दायरा
पूरे फरीदाबाद में नहीं लागू होगा प्रतिबंध
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश पूरे फरीदाबाद जिले पर लागू नहीं होगा। यह प्रतिबंध केवल एनआईटी जोन के निर्धारित केंद्र बिंदु से एक किलोमीटर के दायरे तक सीमित रहेगा।
अधिकारियों के अनुसार, अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई के दौरान शांति बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
