बंगाल चुनाव में EVM सुरक्षा पर उठे सवाल: ममता बनर्जी ने दी चेतावनी
EVM और बैलेट बॉक्स की सुरक्षा व्यवस्था
बैलेट बॉक्स पर छेड़छाड़ का आरोप
बीती रात, पश्चिम बंगाल में TMC नेताओं ने स्ट्रॉन्ग रूम में रखे EVM और बैलेट बॉक्स से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। TMC के नेताओं ने स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरना भी दिया। उनका कहना है कि उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बिना बैलेट बॉक्स खोले गए। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है.
ममता बनर्जी की स्ट्रांग रूम में मौजूदगी
EVM से छेड़छाड़ के आरोपों के बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी देर रात चार घंटे तक स्ट्रॉन्ग रूम में रहीं। कोलकाता में भारी बारिश के बावजूद, ममता रात 12 बजे तक वहां रहीं। उन्होंने कहा, 'अगर EVM चुराने या वोटों की गिनती में हेरफेर की गई, तो हम अपनी जान जोखिम में डाल देंगे.'
मतदान समाप्त होने के बाद, EVM और बैलेट बॉक्स सभी जिलों में प्रशासन द्वारा बनाए गए स्ट्रॉन्ग रूम में जमा कर दिए जाते हैं। बूथों से EVM को स्ट्रॉन्ग रूम तक ले जाने का कार्य प्रशासन और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया जाता है। स्ट्रॉन्ग रूम को भी उनकी मौजूदगी में सील किया जाता है.
स्ट्रांग रूम की सुरक्षा नियमावली
तीन-स्तरीय सुरक्षा: सबसे अंदरूनी घेरे में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) तैनात हैं, उसके बाद राज्य सशस्त्र पुलिस के जवान हैं.
डबल लॉक सिस्टम: स्ट्रॉन्ग रूम में केवल एक प्रवेश द्वार है, जो दो ताले (डबल लॉक) से सुरक्षित है। एक चाबी रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के पास और दूसरी असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) के पास होती है.
CCTV कवरेज (24x7 CCTV): स्ट्रॉन्ग रूम के प्रवेश द्वार और कॉरिडोर पर 24 घंटे CCTV कैमरों से निगरानी की जाती है, जिसे उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि देख सकते हैं.
सीलिंग प्रक्रिया: मतदान के बाद EVM और बैलेट बॉक्स उम्मीदवारों की उपस्थिति में सील किए जाते हैं। उम्मीदवार या उनके एजेंट अपनी सील भी लगा सकते हैं.
