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बिजनौर में आईवीएफ से जन्मी बच्ची को लेकर ससुराल वालों का विवाद, महिला ने लगाए गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक महिला ने आईवीएफ से जन्मी अपनी बच्ची को लेकर अपने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसके ससुराल वाले आईवीएफ प्रक्रिया को शरीयत के खिलाफ मानते हैं और नवजात बच्ची को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जानें इस चौंकाने वाली घटना के बारे में विस्तार से।
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बिजनौर में आईवीएफ से जन्मी बच्ची को लेकर ससुराल वालों का विवाद, महिला ने लगाए गंभीर आरोप

चौंकाने वाला मामला उत्तर प्रदेश के बिजनौर से


उत्तर प्रदेश: बिजनौर में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसके ससुराल वाले आईवीएफ प्रक्रिया को शरीयत के खिलाफ मानते हैं और नवजात बच्ची को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।


शादी के बाद से दहेज के लिए प्रताड़ना

यह घटना बिजनौर के कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव हुसैनाबाद उर्फ दौलताबाद की है। पीड़िता गुलशन ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी लगभग 12 साल पहले थाना नांगल क्षेत्र के गांव दहीरपुर निवासी फुरकान पुत्र मोहम्मद इस्माइल से हुई थी। गुलशन का आरोप है कि शादी के बाद से उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था और उसे अक्सर मारपीट का सामना करना पड़ता था।


आईवीएफ प्रक्रिया से शुरू हुआ विवाद

गुलशन ने कहा कि लंबे समय तक संतान न होने के कारण उसने अपने पति की सहमति से गाजियाबाद के एक अस्पताल में आईवीएफ तकनीक का सहारा लिया। जब परिवार के अन्य सदस्यों को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। आरोप है कि जेठ इमरान, जेठानी शमीमा और जेठानी के पिता शमीम ने आईवीएफ प्रक्रिया को शरीयत और इस्लाम के खिलाफ बताते हुए बच्चे के जन्म पर आपत्ति जताई।


गर्भपात के लिए दबाव

महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि ससुराल पक्ष को डर था कि बच्चे के जन्म के बाद संपत्ति में हिस्सेदारी का विवाद हो सकता है। इसी कारण उस पर गर्भ में पल रहे बच्चे को खत्म कराने का दबाव बनाया गया। गुलशन के अनुसार, 4 अप्रैल को उसका पति, जेठ, जेठानी, ससुर और अन्य लोग उसके मायके गांव दौलताबाद पहुंचे, जहां उसके साथ मारपीट की गई और धमकी दी गई कि आईवीएफ से पैदा होने वाले बच्चे को जिंदा नहीं रहने देंगे।


बच्ची के जन्म के बाद भी जारी हैं धमकियां

पीड़िता ने बताया कि 20 अप्रैल को उसने एक बच्ची को जन्म दिया। हालांकि, बच्ची के जन्म के बाद भी धमकियों का सिलसिला जारी रहा। महिला का आरोप है कि आरोपी अब भी उसकी नवजात बेटी को नुकसान पहुंचाने की बातें कर रहे हैं, जिससे उसका परिवार दहशत में है।


पुलिस ने दर्ज किया मामला

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी अभिषेक झा के निर्देश पर पुलिस ने पति फुरकान, जेठ इमरान, जेठानी शमीमा, ससुर इस्माइल, हनीशा और शमीम के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, धमकी और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।