बिहार में नई सरकार का गठन: क्या शिवराज सिंह चौहान निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका?
बिहार की राजनीति में बदलाव का समय
शिवराज सिंह चौहान को मिली जिम्मेदारी
भाजपा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। भाजपा के संसदीय बोर्ड द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि बिहार में विधायक दल के नेता के चयन की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है। उनके नेतृत्व में विधायकों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा।
विजय चौधरी का बयान
बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी संकेत दिए हैं कि नई सरकार के गठन में अब अधिक समय नहीं लगेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के नाम की सिफारिश करने की जिम्मेदारी भाजपा की है। इसके बाद, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी विधायक एक बैठक में शामिल होंगे और सर्वसम्मति से अपने नेता का चयन करेंगे।
ट्विटर पर भाजपा का आधिकारिक बयान
भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने बिहार में पार्टी विधायक दल के नेता के चुनाव हेतु श्री @ChouhanShivraj, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास मंत्री, भारत सरकार को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। pic.twitter.com/EzDE0GmEax
— BJP (@BJP4India) April 12, 2026
मुख्यमंत्री का चयन
विजय चौधरी ने यह भी कहा कि अंततः वही व्यक्ति मुख्यमंत्री बनेगा, जिसे एनडीए विधायक दल अपना नेता चुनेगा। इस प्रक्रिया में भाजपा की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि वही मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीदवार तय करेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा अपने आंतरिक नियमों और प्रक्रियाओं के तहत इस फैसले को अंतिम रूप देगी।
राजनीतिक गतिविधियों की चर्चा
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य नेताओं की लगातार बैठकों को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। हालांकि, विजय चौधरी ने इसे सामान्य राजनीतिक गतिविधि बताते हुए कहा कि ऐसी मुलाकातें पहले भी होती रही हैं और इसमें कुछ असामान्य नहीं है।
नया मुख्यमंत्री जल्द ही
कुल मिलाकर, बिहार में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और जल्द ही राज्य को नया मुख्यमंत्री मिलने की संभावना है।
