बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार: 7 मई को गांधी मैदान में शपथ लेंगे नए मंत्री
बिहार में सियासी हलचल तेज
पटना: बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। 7 मई को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख नेता उपस्थित रहेंगे.
शपथ समारोह की तैयारी
भव्य आयोजन की योजना
गांधी मैदान में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियाँ कर ली हैं। प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पटना एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिस मुख्यालय स्तर पर निगरानी रखी जा रही है और वीवीपी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सभी व्यवस्थाएँ की जा रही हैं.
पुराने चेहरों की वापसी
अनुभवी नेताओं को मिल सकता है मौका
एनडीए घटक दलों में अधिकांश अनुभवी नेताओं को मंत्री बनाने की योजना है। नीतीश सरकार में पहले कार्य कर चुके कई नेता फिर से कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही भाजपा और जदयू से कुछ नए चेहरों को भी मौका मिलने की संभावना है.
भाजपा के संभावित मंत्री
भाजपा से चर्चित नाम
भाजपा कोटे से कई प्रमुख नेताओं के नाम मंत्री पद के लिए लगभग तय माने जा रहे हैं। इनमें विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, श्रेयसी सिंह, अरुण शंकर प्रसाद, लखेंद्र रौशन, रामकृपाल यादव, संजय सिंह टाइगर, सुरेंद्र मेहता, नारायण प्रसाद, रमा निषाद और डॉ. प्रमोद कुमार शामिल हैं। इसके अलावा संगीता कुमारी, मैथिली ठाकुर, विनोद नारायण झा, नीतीश मिश्रा और आनंद मिश्रा जैसे नामों की भी चर्चा हो रही है.
जदयू के संभावित चेहरे
जदयू से संभावित मंत्री
जदयू से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, सुनील कुमार और जमा खान के मंत्री बनने की संभावना मजबूत बताई जा रही है। इसके अलावा रत्नेश सदा और श्रीभगवान सिंह कुशवाहा का नाम भी चर्चा में है। श्याम रजक, संतोष निराला, शीला मंडल, मीना कामत, कोमल सिंह और रूहेल रंजन की भी मंत्री पद के लिए अच्छी चर्चा चल रही है.
अन्य दलों के संभावित चेहरे
अन्य दलों से संभावित नाम
लोजपा (आर) से संजय कुमार और संजय कुमार सिंह, हम पार्टी से संतोष सुमन तथा रालोमो से दीपक प्रकाश के नाम भी शपथ लेने वालों की सूची में शामिल बताए जा रहे हैं। बिहार की राजनीति में इस कैबिनेट विस्तार को काफी महत्व दिया जा रहा है। 7 मई को शपथ ग्रहण के बाद नई टीम की जिम्मेदारियाँ तय हो जाएंगी। सभी की नजरें अब आधिकारिक सूची पर टिकी हुई हैं.
