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भारतीय तट पर कोकीन की बड़ी बरामदगी: सुरक्षा एजेंसियों की ऐतिहासिक कार्रवाई

भारतीय तट पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन में 115 किलोग्राम कोकीन बरामद की है। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय तस्करी रैकेट के खिलाफ की गई, जिसमें एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। जानें इस ऐतिहासिक सफलता के बारे में और कैसे सुरक्षा बलों ने समुद्र में छापेमारी की।
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भारतीय तट पर कोकीन की बड़ी बरामदगी: सुरक्षा एजेंसियों की ऐतिहासिक कार्रवाई

महत्वपूर्ण सफलता


नई दिल्ली: भारतीय समुद्री सीमाओं के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस ने कच्छ के समुद्री क्षेत्र में एक गुप्त ऑपरेशन के तहत 115 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन बरामद की है।


जब्त की गई सामग्री

कहां से किया गया जब्त


यह ड्रग्स अंतरराष्ट्रीय काले बाजार में जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1150 करोड़ रुपये है। सुरक्षा एजेंसियों ने मुंद्रा तट के निकट एक यूरोपीय मालवाहक जहाज पर छापेमारी की, जो पाकिस्तान के पोर्ट कासिम से निकलकर भारतीय जल सीमा में प्रवेश कर चुका था।


कोकीन की पहचान

बरामद पैकेटों में सफेद पाउडर


जब पकड़े गए बैगों की फॉरेंसिक जांच की गई, तो उनमें सफेद रंग का नशीला पाउडर पाया गया। ड्रग डिटेक्शन किट से इसकी पुष्टि हुई कि यह शुद्ध कोकीन है। कुल 115 पैकेट, प्रत्येक एक किलोग्राम के, जब्त किए गए हैं।


जांच प्रक्रिया

कड़ी पूछताछ जारी


सुरक्षा एजेंसियों ने इस अंतरराष्ट्रीय रैकेट से जुड़े एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिससे गहन पूछताछ की जा रही है। पिछले पांच वर्षों में यह गुजरात एटीएस और तटरक्षक बल का 15वां सफल ऑपरेशन है, जो 'नशामुक्त भारत' के संकल्प को दर्शाता है।


ऑपरेशन का विवरण

समुद्र के बीच चला तलाशी अभियान


यह सफल एंटी-स्मगलिंग ऑपरेशन 25 और 26 मई 2026 की रात को मुंद्रा एंकरेज से लगभग पांच समुद्री मील दूर समुद्र में किया गया। एटीएस को पुख्ता जानकारी मिली थी कि एक विदेशी कंटेनर पोत के जरिए भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की खेप भारतीय तट पर उतारी जाएगी।


संदिग्ध गतिविधियाँ

समंदर की लहरों में फेंका


इस दौरान 'एमवी यूरोप' नामक एक बड़े कंटेनर पोत पर क्रू मेंबर्स की गतिविधियाँ संदिग्ध नजर आईं। सुरक्षा घेरा बढ़ते देख, जहाज से कुछ बड़े बैग समुद्र में फेंक दिए गए। आईसीजी और एटीएस की संयुक्त टीम ने उन पांच भारी बैगों को सफलतापूर्वक अपने कब्जे में ले लिया।