भारतीय रेलवे ने गैस संकट के बीच अपनाया नया खाना पकाने का तरीका
नई दिल्ली में रेलवे की नई पहल
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और वैश्विक गैस संकट का प्रभाव अब भारतीय रेलवे की रसोई पर भी पड़ने लगा है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में कमी आने की आशंका बढ़ रही है। ऐसे में, यात्रियों के लिए भोजन की निरंतरता बनाए रखने के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेलवे ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए अपने बेस किचन को पूरी तरह से 'फ्लेमलेस' बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
फ्लेमलेस किचन सिस्टम की जानकारी
क्या है रेलवे का नया फ्लेमलेस किचन सिस्टम?
आईआरसीटीसी की अधिकारी रीबा ने बताया कि गैस पर निर्भरता कम करने के लिए बेस किचन को बिना आग वाले किचन में परिवर्तित किया जा रहा है। वर्तमान में, बेस किचन में तैयार होने वाला 50 प्रतिशत खाना अब इलेक्ट्रिक इंडक्शन सिस्टम पर बनाया जा रहा है। इसमें यात्रियों की पसंदीदा दाल, चावल, रोटी और विभिन्न सब्जियों की ग्रेवी शामिल हैं। भविष्य में इस तकनीक का दायरा और बढ़ाया जाएगा ताकि गैस की कमी होने पर भी खाना बनाने की प्रक्रिया प्रभावित न हो।
सौर ऊर्जा का उपयोग
छतों पर सोलर पैनल लगाकर पकेगा यात्रियों का खाना
गैस संकट के बीच रेलवे केवल बिजली पर निर्भर नहीं रहना चाहता, बल्कि प्राकृतिक ऊर्जा का भी उपयोग करने की योजना बना रहा है। अधिकारियों के अनुसार, आईआरसीटीसी सभी बेस किचन की छतों पर बड़े पैमाने पर सोलर पैनल लगाने की योजना बना रहा है। इन सोलर पैनल से उत्पन्न बिजली का उपयोग वैकल्पिक ईंधन के रूप में किया जाएगा, जिससे यात्रियों के लिए भोजन पकाने का कार्य इको-फ्रेंडली तरीके से किया जाएगा।
सिलेंडरों की व्यवस्था
एडवांस में की जा रही है 25 सिलेंडरों की व्यवस्था
यात्रियों की चिंताओं को दूर करते हुए आईआरसीटीसी ने स्पष्ट किया है कि उनके पास कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कोई कमी नहीं है और सभी कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं। एक बेस किचन में प्रतिदिन लगभग 25,000 यात्रियों का खाना तैयार किया जाता है। आमतौर पर, एक हजार लोगों के भोजन के लिए एक कमर्शियल सिलेंडर की आवश्यकता होती है, जिससे एक बेस किचन में रोजाना 25 गैस सिलेंडर की खपत होती है। रेलवे किसी भी विपरीत परिस्थिति से बचने के लिए गैस की बुकिंग और व्यवस्था पहले से ही कर रहा है।
आपात स्थिति के लिए तैयारियां
आपात स्थिति के लिए 'रेडी टू ईट' भोजन रखने के निर्देश
आईआरसीटीसी का दावा है कि वह पूरे देश में प्रतिदिन लगभग 16.5 लाख यात्रियों को भोजन प्रदान करता है। वर्तमान अंतरराष्ट्रीय संकट और एलपीजी की संभावित कमी को देखते हुए, आईआरसीटीसी ने अपनी सभी कैटरिंग यूनिट्स को सख्त अलर्ट जारी किया है। सभी यूनिट्स को अतिरिक्त इलेक्ट्रिक इंडक्शन और ओवन का तुरंत इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, गैस सप्लाई ठप होने जैसी आपात स्थिति के लिए भारी मात्रा में 'रेडी टू ईट' भोजन भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को खाने-पीने में कठिनाई न हो।
