Newzfatafatlogo

भोपाल एम्स में डॉ. रश्मि वर्मा का निधन: आत्महत्या नोट से बढ़ी जाँच की जटिलता

भोपाल के एम्स में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा का निधन हो गया। 24 दिनों तक आईसीयू में रहने के बाद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। घटना के बाद एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए स्वयं को जिम्मेदार ठहराया है। परिवार के अनुसार, वे मानसिक तनाव में थीं। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है और एम्स के कार्य वातावरण पर भी सवाल उठ रहे हैं। जानें पूरी जानकारी इस लेख में।
 | 
भोपाल एम्स में डॉ. रश्मि वर्मा का निधन: आत्महत्या नोट से बढ़ी जाँच की जटिलता

डॉ. रश्मि वर्मा का निधन


मध्य प्रदेश: भोपाल स्थित एम्स में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा का सोमवार सुबह निधन हो गया। एम्स प्रशासन के अनुसार, वह पिछले 24 दिनों से आईसीयू में जीवन रक्षक प्रणाली पर थीं। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और 5 जनवरी को सुबह करीब 11 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को पारिवारिक औपचारिकताओं के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।


इलाज के दौरान बिगड़ी स्थिति

घटना 11 दिसंबर की है, जब ड्यूटी के बाद घर लौटने पर उन्होंने एनेस्थीसिया इंजेक्शन लिया, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें तुरंत एम्स भोपाल ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी स्थिति गंभीर हो चुकी थी। आपातकालीन विभाग में डॉक्टरों ने तुरंत उपचार शुरू किया और उनकी धड़कन को बहाल किया, लेकिन तब तक मस्तिष्क को गंभीर क्षति पहुंच चुकी थी।


मेडिकल जांच में ब्रेन इंजरी की पुष्टि

इलाज के दौरान की गई एमआरआई जांच में 'ग्लोबल हाइपोक्सिक ब्रेन इंजरी' की पुष्टि हुई। चिकित्सकों के अनुसार, लंबे समय तक दिमाग को ऑक्सीजन न मिलने से यह स्थिति उत्पन्न होती है, जिसमें रिकवरी की संभावना बहुत कम होती है। इसके बाद उन्हें लगातार आईसीयू में विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया, लेकिन स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ।


सुसाइड नोट की खोज

पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा है कि उनकी मौत के लिए वे स्वयं जिम्मेदार हैं और किसी अन्य को दोषी न ठहराया जाए। यह नोट हैंडराइटिंग एक्सपर्ट को जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी।


मानसिक स्वास्थ्य की चिंता

परिवार के सदस्यों के अनुसार, डॉ. रश्मि वर्मा अपने पिता के निधन के बाद मानसिक तनाव में थीं। हालांकि, परिजनों ने किसी पर आरोप नहीं लगाया है। उनके पति, डॉ. मनमोहन शाक्य, जो स्वयं चिकित्सक हैं, उन्हें अस्पताल लेकर गए थे।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

डॉ. रश्मि वर्मा का शैक्षणिक सफर प्रेरणादायक रहा। उन्होंने प्रयागराज से एमबीबीएस और गोरखपुर से एमडी की पढ़ाई की थी। वे एक संवेदनशील डॉक्टर के रूप में जानी जाती थीं और जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहती थीं।


एम्स में कार्यसंस्कृति पर सवाल

इस घटना के बाद एम्स के कार्य वातावरण पर सवाल उठने लगे हैं, हालांकि संस्थान का कहना है कि डॉ. रश्मि वर्मा ने कभी आधिकारिक तौर पर किसी समस्या की शिकायत नहीं की थी। प्रबंधन द्वारा गठित समिति की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।


नोट: यदि आपको या आपके किसी परिचित को आत्महत्या का विचार आ रहा है, तो यह गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है। तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें। आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं। आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए आवश्यक परामर्श देंगे। याद रखें, जान है तो जहान है।