भोपाल में ट्विशा शर्मा मौत मामले में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे की न्यायिक हिरासत
महत्वपूर्ण घटनाक्रम
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में एक नया मोड़ आया है। अदालत ने पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मंगलवार को दोनों को भोपाल सेंट्रल जेल में स्थानांतरित किया गया, जहां उनकी पहचान अब कैदी नंबरों से होगी।
गिरिबाला सिंह का नया पहचान नंबर
जेल के सूत्रों के अनुसार, 63 वर्षीय गिरिबाला सिंह को महिला मेडिकल सेक्शन में रखा गया है, और उनकी पहचान अब कैदी नंबर 71 के रूप में दर्ज की गई है। वहीं, उनके बेटे समर्थ सिंह को बैरक नंबर-4 में भेजा गया है, जहां उन्हें कैदी नंबर 1782 दिया गया है। जेल के नियमों के अनुसार, दोनों को दैनिक आवश्यकताओं का सामान प्रदान किया गया है, जिसमें थाली, कटोरी और चादर जैसी चीजें शामिल हैं।
सुनवाई के दौरान बहस
मंगलवार को हुई सुनवाई में गिरिबाला सिंह ने स्वयं अपना पक्ष रखा। इस दौरान उनके और ट्विशा शर्मा के परिवार के वकील अनुराग श्रीवास्तव के बीच तीखी बहस हुई।
गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि जबलपुर जिला कोर्ट परिसर में उनके बेटे समर्थ सिंह के साथ धक्का-मुक्की की गई थी। इस पर दूसरे पक्ष ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है, तो कोर्ट के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जानी चाहिए। इसके बाद अदालत में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
ट्विशा के परिवार के सवाल
सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा के परिवार ने यह सवाल उठाया कि समर्थ सिंह को जबलपुर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के चेंबर में शरण कैसे मिली। समर्थ के वकील ने दलील दी कि किसी भी व्यक्ति को खतरा महसूस होने पर सुरक्षित स्थान पर जाने का अधिकार है।
ट्विशा शर्मा का परिचय
33 वर्षीय ट्विशा शर्मा नोएडा की निवासी थीं। उन्होंने एमबीए किया था और दिल्ली में मार्केटिंग एवं कम्युनिकेशन क्षेत्र में कार्य किया था। ट्विशा मॉडलिंग से भी जुड़ी रहीं और 'मिस पुणे' का खिताब जीता था। दिसंबर 2025 में उनकी शादी भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी।
12 मई 2026 को ट्विशा अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन उनके परिवार ने दहेज प्रताड़ना और मानसिक दबाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसियां अब डिजिटल साक्ष्यों और चैट रिकॉर्ड्स की भी जांच कर रही हैं।
