ममता बनर्जी का भवानीपुर में नामांकन: क्या होगी भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से टक्कर?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नामांकन
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 8 अप्रैल, बुधवार को भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन प्रस्तुत किया। नामांकन से पहले, उन्होंने अपने अनोखे अंदाज में 800 मीटर लंबा पैदल मार्च किया, जिसमें पार्टी के कई प्रमुख नेता और हजारों समर्थक शामिल थे।
ममता बनर्जी ने कालीघाट स्थित अपने निवास से पैदल यात्रा शुरू की। इस दौरान, उन्होंने अपने समर्थकों को हाथ जोड़कर नमस्कार किया। अंततः, वे अलीपुर सर्वे बिल्डिंग पहुंचकर अपना नामांकन पत्र जमा करने में सफल रहीं।
ममता की जीत की अपील
नामांकन के बाद, ममता बनर्जी ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल भवानीपुर नहीं, बल्कि पूरे बंगाल की सभी 294 सीटों पर टीएमसी की जीत सुनिश्चित करना है। उन्होंने वोटर लिस्ट से नाम कटने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "SIR प्रक्रिया के दौरान बंगाल में कई लोगों के नाम हटा दिए गए, जिससे मुझे बहुत दुख हुआ है।"
भवानीपुर में मुकाबला
भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी का सामना भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से होगा। शुभेंदु अधिकारी ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में इस सीट से नामांकन भरा था। यह मुकाबला अब प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है, और भवानीपुर 2026 के विधानसभा चुनाव का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया है। उल्लेखनीय है कि ममता बनर्जी इस सीट से पहले तीन बार विधायक रह चुकी हैं।
भवानीपुर की विविधता
भवानीपुर क्षेत्र में विविधता का समावेश है। यहां बंगाली मध्यमवर्गीय परिवारों के साथ-साथ मारवाड़ी, गुजराती, पंजाबी, सिख, जैन और बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग भी निवास करते हैं। आंकड़ों के अनुसार, यहां लगभग 42 प्रतिशत बंगाली हिंदू, 34 प्रतिशत गैर-बंगाली हिंदू और 24 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं। कुल मिलाकर, तीन-चौथाई मतदाता हिंदू हैं।
राजनीतिक दल अक्सर भवानीपुर को 'मिनी इंडिया' के रूप में संदर्भित करते हैं, क्योंकि यहां विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग एक साथ रहते हैं। ममता बनर्जी के नामांकन के साथ, भवानीपुर सीट पर चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब देखना यह है कि यह प्रतिष्ठा की लड़ाई किसके पक्ष में जाती है।
