मुंबई में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हिंसा: 7 पुलिसकर्मी घायल
हिंसक झड़प का मामला
महाराष्ट्र: मुंबई के बांद्रा क्षेत्र में अवैध निर्माण को हटाने के दौरान एक हिंसक झड़प हुई, जिसमें 7 पुलिसकर्मी और 3 प्रदर्शनकारी घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब रेलवे की भूमि पर स्थित एक अवैध धार्मिक स्थल को ध्वस्त किया जा रहा था। बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर पश्चिम रेलवे और बृहन्मुंबई नगर निगम ने इस अभियान की शुरुआत की थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासनिक टीम पर पथराव किया, जिससे 10 लोग घायल हुए।
मामले का विवरण
जानकारी के अनुसार, बांद्रा पूर्व के गरीब नगर क्षेत्र में रेलवे की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला 2017 से अदालत में लंबित था। हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बाद नागरिक प्रशासन, मुंबई पुलिस और रेलवे सुरक्षा बलों ने मिलकर लगभग 500 अवैध निर्माणों को हटाने का बड़ा अभियान शुरू किया।
प्रदर्शनकारियों का उग्र विरोध
बुधवार को जब बुलडोजर ने अवैध ढांचे को ध्वस्त करना शुरू किया, तो वहां स्थानीय लोगों की बड़ी भीड़ इकट्ठा हो गई। विरोध प्रदर्शन तेजी से हिंसक हो गया और उग्र भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इस दौरान 10 लोग घायल हुए।
पुलिस का कड़ा एक्शन
घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। भाभा अस्पताल में तीन घायल पुलिसकर्मी और तीन प्रदर्शनकारी भर्ती हैं, जबकि वीएन देसाई अस्पताल में चार घायल पुलिसकर्मियों में से एक को भर्ती किया गया है और तीन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
पुलिस अधिकारियों की प्रतिक्रिया
मुंबई पुलिस ने इस हिंसा के बाद 10 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है और इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपद्रव के वीडियो फुटेज और सीसीटीवी की मदद से पथराव करने वाले अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। शांति भंग करने वालों और पुलिस पर हमले करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
