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राज ठाकरे का शिवसेना भवन में ऐतिहासिक आगमन: क्या बदलेंगे महाराष्ट्र की राजनीति के समीकरण?

राज ठाकरे का शिवसेना भवन में आगमन एक ऐतिहासिक पल था, जहां उन्होंने उद्धव ठाकरे के साथ मिलकर बीएमसी चुनाव के लिए साझा घोषणापत्र का विमोचन किया। ठाकरे ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वे 20 साल बाद जेल से बाहर आए हों। इस कार्यक्रम में मराठी अस्मिता और महायुति सरकार पर तीखे हमले भी शामिल थे। जानें इस घटनाक्रम का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
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राज ठाकरे का शिवसेना भवन में ऐतिहासिक आगमन: क्या बदलेंगे महाराष्ट्र की राजनीति के समीकरण?

राज ठाकरे का भावनात्मक पुनर्मिलन


महाराष्ट्र: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने लंबे समय बाद शिवसेना भवन का दौरा किया। यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उनके लिए यादों से भरा एक भावनात्मक क्षण भी था। शिवसेना भवन में राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक मंच पर उपस्थित हुए, जहां उद्धव ने उन्हें फूल देकर स्वागत किया। लगभग 20 वर्षों के बाद राज ठाकरे का यह आगमन राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। दोनों नेताओं ने बीएमसी चुनाव के लिए एक साझा घोषणापत्र का विमोचन किया।


जेल से छूटने जैसा अनुभव

“20 साल बाद जेल से छूटकर आने जैसा लग रहा है”
राज ठाकरे ने शिवसेना भवन में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वे 20 साल बाद जेल से बाहर आए हों। उन्होंने बताया कि यह उनका पहला अनुभव है नए शिवसेना भवन का, लेकिन पुराने भवन से जुड़ी यादें आज भी ताजा हैं।


शिवसेना का इतिहास और वर्तमान

1977 में शिवसेना का निर्माण हुआ था
राज ठाकरे ने बताया कि 1977 में शिवसेना भवन का निर्माण हुआ था और उसी वर्ष जनता पार्टी की सरकार बनी थी। उन्होंने उस समय की राजनीतिक घटनाओं को याद करते हुए कहा कि शिवसेना भवन हमेशा उनके दिल में बसा रहा है।


मराठी अस्मिता पर जोर

“महाराष्ट्र में मेयर मराठी हिंदू ही होगा”
राज ठाकरे ने अपने भाषण में मराठी पहचान पर जोर देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में हर महापौर मराठी हिंदू होना चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे पर हिंदी-मराठी की बहस पर सवाल उठाया और स्पष्ट किया कि बीएमसी चुनाव के लिए जारी वचननामा पूरी तरह से मराठी भूमिपुत्रों के हित में है।


महायुति सरकार पर हमला

“महायुति ने पहले वोट चुराए, अब उम्मीदवार चुरा रही है”
उद्धव ठाकरे ने महायुति सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि इस बार शिवसेना (उद्धव गुट), एमएनएस और शरद पवार की एनसीपी मिलकर चुनाव लड़ रही हैं, जिससे सत्ताधारी गठबंधन बौखला गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले वोटों की चोरी की गई और अब उम्मीदवारों को तोड़ा जा रहा है।


विधानसभा अध्यक्ष पर गंभीर आरोप

“सरकार ने 3 लाख करोड़ का घोटाला किया”
उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने विकास कार्यों में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का घोटाला किया है। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड काल में उनकी सरकार द्वारा किए गए कार्यों को जनता के सामने रखा जाएगा।


संयुक्त घोषणापत्र के वादे

BMC चुनाव के लिए शिवसेना-एमएनएस-NCP (शरद) का संयुक्त मैनिफेस्टो
संयुक्त घोषणापत्र में मुंबईकरों के लिए कई बड़े वादे किए गए हैं:
1. बेस्ट उपभोक्ताओं को हर महीने 100 यूनिट बिजली मुफ्त
2. घरेलू कामकाजी महिलाओं का पंजीकरण कर ₹1500 मासिक स्वाभिमान निधि
3. कामकाजी अभिभावकों के बच्चों के लिए डे-केयर सुविधा
4. बालासाहेब ठाकरे स्वरोजगार योजना के तहत 1 लाख युवाओं को ₹25,000 से ₹1 लाख तक सहायता
5. गिग वर्कर्स और डिब्बेवालों को ई-बाइक के लिए ब्याज मुक्त कर्ज
6. मेहनतकश मुंबईकरों को ₹10 में नाश्ता और दोपहर का भोजन (माँ साहेब किचन)
7. 700 वर्गफुट तक के घरों के लिए प्रॉपर्टी टैक्स माफ
8. मुंबई में 5 नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल
9. बीएमसी का सुपर स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल
10. बेस्ट बस किराया 5-10-15-20 रुपये फ्लैट, 10,000 इलेक्ट्रिक बसें और 900 इलेक्ट्रिक डबल डेकर
11. रोजगार के लिए मुंबई आने वाले मराठी युवाओं के लिए हॉस्टल