राजस्थान पुलिस ने सैंडल में छिपाई स्मैक के साथ तस्कर को पकड़ा
शिवदासपुरा में नशे की तस्करी का खुलासा
राजस्थान पुलिस ने एक अनोखे तरीके से नशे की तस्करी के मामले का पर्दाफाश किया है। तस्कर ने स्मैक को सैंडल के सोल में छिपाने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उसके इरादों को नाकाम कर दिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने लगभग 79 ग्राम स्मैक को सैंडल के सोल के अंदर छिपाया था। उसने सोल को काटकर उसमें स्मैक रखी और फिर उसे फिर से सिल दिया, ताकि किसी को संदेह न हो। जब्त की गई स्मैक की बाजार में कीमत लगभग 4 लाख रुपये है। देखने में यह सैंडल सामान्य लग रही थी, लेकिन इसके अंदर नशे का बड़ा जखीरा छिपा था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान
गिरफ्तार किए गए युवक की पहचान राहुल खरे के रूप में हुई है, जो झालावाड़ जिले के अकलेरा क्षेत्र के नया गांव का निवासी है। पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि एक युवक स्मैक लेकर जयपुर की ओर आ रहा है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और उसकी लोकेशन ट्रेस की। आरोपी एक बस में सफर कर रहा था, जिसे शिवदासपुरा क्षेत्र में रोका गया। जांच के दौरान सैंडल में छिपी स्मैक बरामद हुई और आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
तस्करी का कोड वर्ड
पूछताछ में यह सामने आया कि आरोपी ने बहुत ही सावधानी से काम किया। फोन कॉल और मैसेज में वह स्मैक का सीधा उल्लेख नहीं करता था, बल्कि इसके लिए 'चीज' शब्द का उपयोग करता था। इस कोड वर्ड का उद्देश्य था कि बातचीत सुनने वाले को कोई संदेह न हो।
आरोपी ने बताया कि जयपुर पहुंचने के बाद उसे सीधे रिसीवर से नहीं मिलना था। योजना के अनुसार, एक मंदिर में मिलने का समय तय किया गया था। वहां पहचान छिपाने के लिए दोनों लोग आपस में सैंडल बदलते, ताकि आम लोगों और पुलिस को कोई शक न हो। इसके बाद स्मैक को आगे सप्लाई के लिए सौंप दिया जाता।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल, पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह पहले कितनी बार इस तरह की तस्करी कर चुका है और उसके संपर्क में कौन लोग हैं। पुलिस यह भी जानना चाहती है कि स्मैक की सप्लाई किन क्षेत्रों में की जानी थी और इसके पीछे कितना बड़ा गिरोह काम कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से नशे के नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
